

एकादशी पर चावल खाना वर्जित माना जाता है। लेकिन ऐसा क्यों है इस बारे में कम ही लोग जानते होंगे।
Image Source : canvaएकादशी पर चावल न खाने की कथा महर्षि मेधा से जुड़ी है जिन पर मां शक्ति क्रोधित हो गई थीं।
Image Source : unsplash.comमां शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपना शरीर त्याग दिया और उनका अंश पृथ्वी में जा समाया।
Image Source : canvaजिस दिन महर्षि मेधा का अंश पृथ्वी में समाया उस दिन एकादशी ही थी। ऐसा माना जाता है कि महर्षि मेधा धरती से चावल और जौ के रूप में उत्पन्न हुए।
Image Source : unsplash.comयही कारण है कि इस दिन चावल नहीं खाया जाता है क्योंकि एकादशी पर चावल खाना मांस-रक्त के सेवन के समान होता है।
Image Source : unsplash.comकुछ मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन चावल में पाप पुरुष का वास होता है।
Image Source : unsplash.comऐसे में इस दिन चावल खाने से व्यक्ति पाप का भागीदार बनता है और उसका पुण्य क्षीण होता है।
Image Source : unsplash.comएकादशी पर चावल सिर्फ व्रत वालों के लिए ही नहीं बल्कि सभी के लिए वर्जित माना गया है।
Image Source : canva(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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