Geeta Jayanti: गीता के इन पांच श्लोकों को पढ़ने से मिलती है मानसिक शांति और आध्यात्मिक ज्ञान

Geeta Jayanti: गीता के इन पांच श्लोकों को पढ़ने से मिलती है मानसिक शांति और आध्यात्मिक ज्ञान

Image Source : Freepik

1 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी है। इसी दिन गीता जयंती मनाई जाएगी और मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

Image Source : Freepik

माना जाता है कि इस दिन पर ही श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था।

Image Source : Freepik

यूं तो गीता का हर श्लोक ही ज्ञानवर्धक है लेकिन आज हम आपको कुछ चुनिंदा श्लोकों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको मानसिक शांति और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं।

Image Source : Freepik

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । इस श्लोक का अर्थ है कि आपका अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल में कभी नहीं। इसलिए आपको हमेशा कर्म पर ध्यान देना चाहिए।

Image Source : Freepik

मनमना भव मद्भक्तो, मद्याजी मम नमस्कुरु। इस श्लोक का अर्थ है कि मुझ पर अपना ध्यान केंद्रित करो, मेरे भक्त बनो और मुझे नमन करो।

Image Source : Freepik

उद्धरेदात्मानोनात्मानं, न आत्मानं अवसादयेत। यह श्लोक हमें संदेश देता है कि मनुष्य अपने मन के द्वारा ही अपना उद्धार कर सकता है, इसलिए मन के द्वारा खुद को नीचे मनुष्य को नहीं गिरना चाहिए।

Image Source : Freepik

संगात्सञ्जायते कामः, कामात्क्रोधोऽभिजायते। इस श्लोक का अर्थ है कि आसक्ति से इच्छा जन्म लेती है, इच्छा से क्रोध, और क्रोध से भ्रम पैदा होता है।

Image Source : Freepik

यथा दीपो निवतस्थो नेङ्गते सोपमा स्मृता। इस श्लोक का अर्थ है जिस तरह दीप वायुहीन स्थान में हिलता नहीं है उसी तरह आत्म-साक्षात्कार करने वाले का मन भी हमेशा स्थिर रहता है।

Image Source : Freepik

Next : Rudraksh Se Jude Niyam: इस तरह का रुद्राक्ष कभी न पहनें, लाभ की जगह हो जाएगी हानि