ग्रहों के नक्षत्र और राशि गोचर में क्या अंतर होता है?

ग्रहों के नक्षत्र और राशि गोचर में क्या अंतर होता है?

Image Source : Social

सभी 9 ग्रह समय-समय पर राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि ग्रहों के नक्षत्र और राशि गोचर में क्या अंतर होता है।

Image Source : Social

ज्योतिष में 12 राशियां और 27 नक्षत्र हैं। प्रत्येक राशि में सवा 2 नक्षत्र आते हैं। यानि नक्षत्र राशि से छोटी इकाई है।

Image Source : Social

कोई भी ग्रह एक ही राशि में रहते हुए अलग-अलग नक्षत्रों में परिवर्तन कर सकता है। उदाहरण के लिए अगर कोई ग्रह मेष राशि में है तो वो मेष राशि में पड़ने वाले तीन नक्षत्रों अश्विनी, भरणी और कृतिका में गोचर कर सकता है।

Image Source : Social

हालांकि, ग्रह रहेगा मेष राशि में ही लेकिन उसका नक्षत्र बदल जाएगा। नक्षत्र गोचर कम समय में ही हो जाता है जबकि राशि परिवर्तन के लिए ज्यादा समय लगता है।

Image Source : Social

नक्षत्र गोचर का असर मूल रूप से आपके स्वभाव पर पड़ता है जबकि राशि परिवर्तन का असर आपके संपूर्ण जीवन पर दिखता है।

Image Source : Social

राशि गोचर का अर्थ है जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में चला जाए। उदाहरण के लिए जब मेष राशि में बैठा कोई ग्रह वृषभ राशि में चला जाता है तो इसे राशइ परिवर्तन या गोचर कहते हैं।

Image Source : Social

ज्योतिष में सबसे देरी से नक्षत्र बदलने वाले ग्रहों में शनि और गुरु मुख्य हैं। वहीं तेजी से नक्षत्र बदलने वाले ग्रहों में चंद्रमा और बुध का नाम आता है।

Image Source : Social

राशि और नक्षत्र परिवर्तन करने पर ग्रहों का अच्छा-बुरा प्रभाव हर राशि पर देखने को मिलता है।

Image Source : Social

हालांकि, नक्षत्र गोचर की तुलना में राशि परिवर्तन करने पर अधिक प्रभाव लोगों के जीवन में देखने को मिलते हैं।

Image Source : Social

गुरु, शनि और राहु-केतु ऐसे ग्रह हैं जिनका नक्षत्र और राशि परिवर्तन दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

Image Source : Social

Next : अच्छे टीचर होते हैं इन 3 राशियों के लोग