

होलिका दहन हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को किया जाता है।
Image Source : METAहोलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। होलिका दहन से पहले पूजा की जाती है। इसके बाद होलिका की आग में पूजा सामग्रियां अर्पित की जाती है।
Image Source : META AIहोलिका दहन इन लोगों को गलती से भी नहीं देखना चाहिए। वरना उनके जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
Image Source : META AIहोलिका दहन नवविवाहत युवतियों को भूलकर भी नहीं देखना चाहिए।
Image Source : FREEPIKजिन लोगों की शादी के बाद यह पहली होली है वो युवतियां और युवक होलिका दहन की आग को न देखें। शास्त्रों में नवविवाहितों को होलिका दहन देखने की मनाही है।
Image Source : FREEPIKगर्भवती महिलाओं को भी होलिका दहन नहीं देखना चाहिए।
Image Source : FREEPIKवहीं छोटे बच्चों को भी होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। खासतौर से उन बच्चों को जिनकी ये पहली होली है।
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