

केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को खुले हैं, जिसके बाद से लगातार हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रही हैं। आप भी अगर केदारनाथ जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको सबसे पहले हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना होगा
Image Source : twitterबाबा केदार के दरबार में पहुंचने के लिए, सबसे पहले आपको अपने शहर से सड़क मार्ग, ट्रेन या फ्लाइट से हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना होगा। इसके बाद आपको रुद्रप्रयाग जाना होगा
Image Source : twitterहरिद्वार और ऋषिकेश से आपको आसानी से बस या टैक्सी रुद्रप्रयाग के लिए मिल जाएगी
Image Source : twitterअगर आप ज्यादा ब्रेक नहीं लेना चाहते हैं और रुद्रप्रयाग को पहले देख चुके हैं तो आप हरिद्वार और ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग की जगह सीधे सोनप्रयाग भी पहुंच सकते हैं
Image Source : twitterरुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग की दूरी करीब 72 किलोमीटर की है, इसके लिए आपको आसानी से बस या टैक्सी मिल जाएगी
Image Source : twitterसोनप्रयाग पहुंचकर आप वहां होटल ले सकते हैं या फिर कम खर्च में डोरमेट्री की व्यवस्था भी मिल जाएगी। यहां से आप सुबह-सुबह मेडिकल चेकअप करवाकर गौरीकुंड के लिए बढ़ सकते हैं
Image Source : twitterसोनप्रयाग से गौरीकुंड तक का रास्ता बेहद खूबसूरत है जिसे आप पैदल या फिर टैक्सी की मदद से पूरा कर सकते हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम मंदिर की दूरी 16 किलोमीटर है। जो आप पैदल, खच्चर पर या फिर डोली में पूरी कर सकते हैं
Image Source : twitterइसके अलावा आप सोनप्रयाग के पास स्थित फाटा से हेलीकॉप्टर द्वारा केदारनाथ पहुंच सकते हैं। फाटा से केदारनाथ मंदिर के लिए आपको लगभग 3000 से 4000 रुपये एक तरफ की यात्रा और राउंड ट्रिप के लिए 5,000 से 6000 रुपये प्रति व्यक्ति लग सकते हैं
Image Source : twitterकेदारनाथ धाम में दर्शन करने के बाद आप भैरवनाथ के दर्शन करने जरूर जाएं। कालभैरव के दर्शन के बिना भगवान शिव के दर्शन करना अधूरा माना जाता है
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