

ज्येष्ठ अमावस्या को हिंदू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इसी दिन शनि देव का प्राकाट्य हुआ था।
Image Source : Socialइसलिए ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा के साथ ही पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी कई उपाय किए जाते हैं।
Image Source : Socialवहीं जो लोग उपाय करने में समर्थ न हों वो इस दिन पितरों के निमित्त दीपक जलाकर भी पितृ देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
Image Source : Socialऐसे में आइए जान लेते हैं कि पितरों को प्रसन्न करने के लिए घर की किस दिशा में इस दिन दीपक जलाना चाहिए।
Image Source : Socialधार्मिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा कहा जाता है। इसलिए इस दिशा में ज्येष्ठ अमावस्या के दिन दीपक अवश्य जलाएं।
Image Source : Socialइसके साथ ही पितरों को प्रसन्न करने के लिए इस दिन आप पीपल के पेड़ तले भी दीपक जला सकते हैं।
Image Source : Socialपितरों का ध्यान करते हुए दक्षिण दिशा में धूप जलाने से भी पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।
Image Source : Socialमाना जाता है कि अगर आपके पितृ आप से प्रसन्न हो गए तो आपके जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो जाता है।
Image Source : Socialइसलिए ज्येष्ठ अमावस्या के शुभ अवसर को न चूकें और इस दिन पितरों के निमित्त दीपक अवश्य जलाएं।
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