

कैलाश मानसरोवर यात्रा को हिंदू धर्म के साथ ही बौद्ध, सिख और जैन धर्म में भी बहुत पवित्र माना जाता है।
Image Source : Socialसाल 2025 में 5 सालों के अंतराल के बाद फिर से कैलाश मानसरोवर की यात्रा शुरू होगी।
Image Source : Socialइस साल जून के अंतिम सप्ताह से कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। यात्रा की शुरुआत दिल्ली से होगी।
Image Source : Socialदिल्ली, उत्तर प्रदेश से होते हुए तीर्थयात्री उत्तराखंड पहुंचेंगे। उत्तराखंड से यात्रा का विधिवत आरंभ होगा।
Image Source : Socialउत्तराखंड में धारचुला, गुंजी, नाभीढांग कैलाश मानसरोवर यात्रा के मु्ख्य पड़ाव माने जाते हैं।
Image Source : Socialइसके बाद यात्रियों का दल आदि कैलाश होते हुए लिपुलेख दर्रा पहुंचता है।
Image Source : Socialलिपुलेख दर्रे को ही कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान भारत का अंतिम स्थान माना जाता है।
Image Source : Socialवहीं जो लोग सिक्किम के रास्ते कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं उनके लिए नाथुला दर्रा अंतिम भारतीय स्थान होता है।
Image Source : Socialइसके बाद यात्रियों का दल कैलाश दर्शन के लिए चीन में प्रवेश कर जाता है।
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