

हिंदू धर्म में किसी भी धार्मिक अनुष्ठानों या शुभ कार्य के समय हाथ में कलावा, मौली या रक्षासूत्र बांधने की परंपरा है।
Image Source : FILE IMAGEकलावा मंत्रों के उच्चारण के साथ बांधा जाता है। इस पवित्र धागे में देवी-देवताओं का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है।
Image Source : FILE IMAGEकलावा हाथ में बांधने से व्यक्ति की हर तरह से रक्षा होती है। लेकिन इसे हाथ पर इस स्थिति में बांधें नहीं रखना चाहिए।
Image Source : FILE IMAGEकलावा का जब रंग उतरने लगे तो इसे उतार देना चाहिए। रंग उतरा हुआ कलावा पहनना शुभ नहीं होता है।
Image Source : FILE IMAGEहाथ से उतारा हुआ कलावा किसी बहती नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए या किसी पेड़ के पास मिट्टी के नीचे दबा देना चाहिए।
Image Source : FILE IMAGEकहा जाता है कि हाथ में कलावा 21 दिन के लिए बांधना चाहिए, क्योंकि इसके बाद कलावा का रंग उतरने लगता है।
Image Source : FILE IMAGEकलावा पुरुषों और कुंवारी लड़कियों को दाहिने हाथ में जबकि विवाहित महिलाओं को बाएं हाथ में बांधना चाहिए।
Image Source : FILE IMAGEजिस हाथ में आप कलावा बांध रहे हैं उस हाथ में सिक्का या रुपया लेकर मुट्ठी बंद कर लें और दूसरा हाथ अपने सिर पर रख लें।
Image Source : FILE IMAGEकलावा 3, 5 या 7 बार कलाई पर लपेटना चाहिए। फिर कलावा बंध जाने के बाद हाथ में रखी दक्षिणा उस व्यक्ति को भेंट कर दें।
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