

इस साल करवा चौथ का त्योहार 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन चांद की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
Image Source : freepikलेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर इस दिन चांद को छलनी से क्यों देखा जाता है।
Image Source : freepikमाना जाता है कि छलनी में हजारों छेद होते हैं। ऐसी में जब विवाहित महिला छलनी से चंद्रमा को देखती है तो छेदों की संख्या में चंद्रमा के जितने प्रतिबिंब दिखाई देते हैं उतनी ही पति की आयु बढ़ जाती है।
Image Source : pixabayइसलिए करवा चौथ के दिन निर्जला व्रत में चांद और पति के चेहरे को छलनी से देखने की प्रथा है, इसके बिना करवा चौथ का व्रत पूरा नहीं माना जाता।
Image Source : pixabayकरवा चौथ पर चांद को छलनी से देखने की कथा चंद्र देव को मिले एक शाप से जुड़ी है।
Image Source : pixabayऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश ने चंद्र देव को श्राप दिया था कि जो भी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को चांद के दर्शन करेगा उसे कलंक का सामना करना पड़ेगा।
Image Source : pixabayऐसे में लोगों के मन में ये डर बन गया कि हर चौथ की रात के चंद्रमा को सीधी आंखों से नहीं देखना चाहिए इसलिए भी करवाचौथ पर छलनी की आड़ लेकर चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं।
Image Source : pixabayइस साल करवा चौथ का चांद रात 8 बजकर 13 मिनट पर दिखाई देगा।
Image Source : pixabay(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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