

हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का दिन बेहद शुभ तिथि माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी समेत भगवान शंकर को भी समर्पित है।
Image Source : Social mediaपूर्णिमा के दिन को आध्यात्मिक और योग ध्यान आदि के दृष्टि से बेहद शुभ माना गया है क्योंकि भगवान शिव को आदि योगी कहा गया है।
Image Source : Social Mediaइस दिन साधक को मंत्रों का उच्चारण करने से शिव की आराधना करने से पारलौकिक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
Image Source : Social Mediaइस कारण इस दिन भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। मंदिरों में लोग शिवलिंग पर किसी भी पात्र में दुग्धाभिषेक करते हैं, जो कि सही नहीं है।
Image Source : Social Mediaआइए जानते हैं कि किस धातु के पात्र से शिवलिंग का दुग्धाभिषेक नहीं करना चाहिए?
Image Source : Social mediaशास्त्रों के मुताबिक, कुछ पात्रों को छोड़कर शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक नहीं करना चाहिए।
Image Source : Social Mediaशास्त्रों में कहा गया कि दूध के लिए चांदी के बर्तन या फिर मिट्टी के कलश का उपयोग करेंगे तो बेहतर रहेगा।
Image Source : Social mediaवहीं, किसी भी हाल में तांबे के पात्र से दूध शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक नहीं करना चाहिए।
Image Source : Social Mediaइसके अलावा, प्लास्टिक या पॉलीथीन से दूध अभिषेक नहीं करना चाहिए।
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