

संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ में शामिल होने के लिए लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
Image Source : FILE IMAGEमहाकुंभ में स्नान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही मोक्ष भी मिलता है।
Image Source : FILE IMAGEमहाकुंभ मेला में नागा बाबाओं समेत कई महान साधु संत आते हैं। नागा साधु के दर्शन तो महाकुंभ में ही मिल पाता है।
Image Source : FILE IMAGEनागा साधु जीते जी अपना पिंड दान कर देते हैं। पूरी दुनिया के लिए वो मृत होते हैं।
Image Source : FILE IMAGEनागा साधु अपने शरीर पर कोई भी वस्त्र नहीं पहनते हैं। उनके शरीर पर केवल भस्म लगा होता है।
Image Source : FILE IMAGEनागा साधु कड़कड़ाती ठंड में 24 घंटे साधना करते हैं। साधना और तप के बल से उनके शरीर के भीतर ऊर्जा आती है।
Image Source : FILE IMAGEतो चलिए अब जानते हैं कि नागा साधु किसकी पूजा करते हैं।
Image Source : FILE IMAGEनागा साधु देवों के देव महादेव की उपासना करते हैं। नागा बाबा शिव के उपासक होते हैं।
Image Source : FILE IMAGEनागा साधु शैव परंपरा से भगवान शिव की पूजा करते हैं।
Image Source : FILE IMAGEनागा साधु ध्यान और योग के जरिए भगवान शिव की भक्ति में लीन रहते हैं।
Image Source : FILE IMAGEबता दें कि नागा साधु सात्विक आहार ग्रहण करते हैं। वे दिन में एक ही बार भोजन करते हैं।
Image Source : FILE IMAGEनागा साधुओं को 'महायोद्धा साधु' भी कहा जाता है, क्योंकि प्राचीन काल में वे धर्म और समाज की रक्षा के लिए सेना के रूप में कार्य करते थे।
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