

महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान की तिथि निकट आ रही है, मौनी अमावस्या के दिन दूसरा अमृत स्नान पड़ रहा है।
Image Source : PTIऐसे में रोजाना लाखों की संख्या में लोग संगम तट पर स्नान कर रहे हैं। अब तक 8 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र नदी में डुबकी लगाई है।
Image Source : File Photoसाथ ही श्रद्धालु महाकुंभ से प्रसाद स्वरूप गंगाजल और मिट्टी ले जा रहे हैं। पावन धाम की मिट्टी को काफी शुभ माना गया है।
Image Source : PTIऐसे में आप भी महाकुंभ स्नान के लिए जा रहे हैं और गंगाजल लाने की सोच रहे हैं तो कुछ बातों का आपको ध्यान रखना होगा जिससे गंगाजल का अपमान न हो और वह शुद्ध रहे।
Image Source : PTIसंगम तट पर आजकल प्लास्टिक डिब्बे बिक रहे जिसमें लोग गंगाजल भर कर ले जाते हैं, जबकि गंगाजल को कभी भी प्लास्टिक की बोतल में नहीं रखना चाहिए।
Image Source : Social Mediaधार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गंगा जल को कभी भी जूते-चप्पल पहन कर नहीं छूना चाहिए।
Image Source : Social Mediaइसके अलावा, गंगाजल रखने वाले कमरे में कभी भी भूलकर तामसिक भोजन जैसे-अंडा, मांस, मछली या चिकन आदि नहीं खाना चाहिए।
Image Source : PTIसाथ ही वो कमरे जिसमें किसी की मृत्यु या कमरा प्रसूति महिला के किसी काम में लिया गया, ऐसे में यहां भी गंगाजल नहीं रखना चाहिए।
Image Source : PTIमाना जाता है कि इन सभी चीजों से गंगाजल अपना शुभ प्रभाव खो देता है।
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