

महाकुंभ 2025 में नागा साधुओं के सभी अखाड़े सम्मिलित हुए हैं। इनकी वेशभूषा, पहनावा और रहन-सहन हमेशा से लोगों के आकर्षण का केंद्र है।
Image Source : Socialहर कुंभ, पूर्णकुंभ और महाकुंभ में देश के हर कोने से नागा साधु पहुंचते हैं। कुंभ मेले के अलावा बड़ी संख्या में नागा साधु बहुत कम दिखते हैं।
Image Source : Socialकुंभ मेला नागा साधुओं के लिए इसलिए भी विशेष होता है, क्योंकि इसी दौरान इनको दीक्षा भी दी जाती है।
Image Source : Socialप्रयागराज में 14 जनवरी के दिन व्यवस्था के अनुसार, सबसे पहले नागा साधुओं ने अमृत स्नान किया था।
Image Source : Socialअब कई लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि नागा साधु कब तक महाकुंभ मेले में रहेंगे? आइए जानते हैं इसका उत्तर।
Image Source : Socialनागा साधु महाकुंभ में अमृत स्नान से पहले ही आ जाते हैं और अंतिम अमृत स्नान के बाद ये अपने-अपने अखाड़ों में लौट जाते हैं।
Image Source : Socialप्रयागराज में अंतिम शाही स्नान (अमृत स्नान) 3 फरवरी बसंत पंचमी के दिन है, यही नागा साधुओं का महाकुंभ में आखिरी दिन होगा।
Image Source : Socialकुछ नागा साधु महाकुंभ से ही वन या हिमालय की ओर तपस्या करने के लिए निकल जाएंगे।
Image Source : Socialयानि महाकुंभ के अंतिम स्नान तक ही नागा साधुओं के अखाड़े प्रयागराज में रहेंगे।
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