

हर माह का चौदहवां दिन यानी अमावस्या के पहले का दिन शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है।
Image Source : File Photoएक साल में आने वाली सभी शिवरात्रियों में से फरवरी-मार्च में पड़ने वाले महाशिवरात्रि को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है।
Image Source : File Photoदंत कथाओं की मानें तो इसी दिन शिव और शक्ति एक हुए थे, यानी माता पार्वती के साथ भगवान शिव का विवाह हुआ था।
Image Source : File Photoऐसे में इस दिन को शिवभक्त बड़े की उल्लास के साथ मनाते हैं और इस दिन पूजा-पाठ को लेकर शिवालयों में लंबी-लंबी लाइनें लगी होती हैं।
Image Source : File Photoऐसे में पूजा करने वालों को नहीं पता होता कि किस दिशा में खड़े होकर शिवलिंग की पूजा करना शुभ होता है?
Image Source : File Photoआइए जानते हैं इसका जवाब...
Image Source : File Photoहिंदू धर्मग्रंथों की मानें तो, दक्षिण दिशा में ही खड़े होकर शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए।
Image Source : File Photoया ऐसे कहें कि कभी भी जातक का मुंह उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में नहीं होना चाहिए क्योंकि शास्त्रों के अनुसार, इन दिशाओं में भोलेनाथ की पीठ, कंधा आदि होता है, इसी कारण ये शुभ नहीं होते।
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