

मौनी अमावस्या पर किए गए उपाय जीवन के कष्टों को दूर करते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खोलते हैं। इस दिन मौन साधना, पितृ तर्पण और दान-पुण्य से पितृदोष शांत होता है और मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। जानिए मौनी अमावस्या के 7 महाउपाय, जो पुण्य फल दिलाते हैं।
Image Source : Facebookसनातन परंपरा में माघ मास की अमावस्या को वर्ष की सबसे पवित्र अमावस्या माना गया है। मान्यता है कि इस दिन मौन रहकर अपने इष्ट देव की साधना करने से मन शांत रहता है और आत्मिक शक्ति का विकास होता है। स्नान, दान और पूजन से पुण्य बढ़ता है।
Image Source : Freepik1. मौनी अमावस्या पर मौन रहकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मौन रहकर साधना करने पर मन संतुलित रहता है और वाणी से संबंधित किसी प्रकार का कोई दोष नहीं लगता।
Image Source : Unsplash2. मौनी अमावस्या की शाम को तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर परिक्रमा करें, इस उपाय से धन की देवी को प्रसन्न होगी। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा भी बहुत फलदायी मानी गई है, पीपल के वृक्ष में दूध मिला जल अर्पित कर दीपदान करें।
Image Source : Facebook3. मौनी अमावस्या के दिन विशेष रूप से पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि करना चाहिए। अगर ये संभव न हो पाए तो पितरों के निमित्त अन्न, धन और गरम वस्त्र का दान करें।
Image Source : Facebook4. मौनी अमावस्या के दिन मौनी अमावस्या के पर्व पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तट पर स्नान के बाद गंगाजल में कुश और काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण करने से पितृदोष शांत होता है।
Image Source : Facebook5. पितरों की कृपा पाने के लिए पितृ सूक्त या पितृ कवच का पाठ करें और शाम को घर की दक्षिण दिशा में सरसों तेल का चौमुखा दीपक जलाएं।
Image Source : Canva6. सनातन परंपरा में पूजा का पुण्यफल पाने के लिए दान को उत्तम माना है। मौनी अमावस्या पर सामर्थ्य अनुसार गर्म कपड़े, अन्न, भोजन और धन का दान करें। दिव्यांगों को काले कंबल,काले जूते, चाय पत्ती, काली उड़द दाल के दान से कुंडली के शनि, राहु-केतु दोष दूर होते हैं।
Image Source : Pexels7. मौनी अमावस्या के दिन दान को गुप्त रूप से करना श्रेष्ठ माना जाता है, बिना किसी को बताए किया गया दान कई गुना पुण्य फल देता है।
Image Source : FreepikNext : सावधान! शनिवार को तेल दान करते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?