

चैत्र नवरात्रि का त्योहार 30 अप्रैल से शुरू हो चुका है और 6 अप्रैल तक माता के नौ रूपों की पूजा की जाएगी।
Image Source : Socialनवरात्रि में व्रत के साथ ही भक्त नौ दिनों तक अखंड ज्योति भी जलाते हैं। यानि 9 दिनों तक दीपक बुझना नहीं चाहिए।
Image Source : Meta AIहालांकि कई बार कुछ लोग भूलवश अखंड ज्योत पर ध्यान नहीं दे पाते और ज्योति बुझ जाती है।
Image Source : Meta AIऐसे में सवाल उठता है कि अखंड ज्योति के बुझने से क्या होता है, ऐसा होने पर क्या करना चाहिए?
Image Source : Meta AIभूलवश अगर अखंड ज्योति बुझ जाए तो घबराएं नहीं, यूं तो ज्योति का बुझना शुभ नहीं होता, लेकिन दीपक में तेल न डालने के कारण या हवा आदि के कारण ज्योत बुझ गई है तो आप इसे फिर से जला सकते हैं।
Image Source : Socialअखंड ज्योति को दोबारा जलाने से पूर्व आपको अपनी भूल की माफी माता रानी से मांगनी चाहिए और फिर ज्योत जलानी चाहिए।
Image Source : Socialइसके बाद संकल्प करना चाहिए कि नवरात्रि की समाप्ति तक आप अखंड ज्योत को नहीं बुझने देंगे।
Image Source : Socialइसके बाद हर दिन आपको अखंड ज्योति पर ध्यान देना चाहिए और नवरात्रि समाप्ति के बाद स्वयं ज्योति को बुझने देना चाहिए।
Image Source : Socialभूलवश अगर अखंड ज्योति बुझती है तो इससे आपको घबराना नहीं चाहिए, माता से माफी मांगने पर मां आपको क्षमा कर देती हैं।
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