

शारदीय नवरात्रि का पावन 22 सितंबर 2025 से शुरू हो चुका है। 1 अक्टूबर तक माता दुर्गा के 9 रूपों की पूजा भक्तों के द्वारा की जाएगी।
Image Source : Unsplashनवरात्रि की पूजा में कई लोग 9 दिनों के लिए अखंड ज्योति भी जलाते हैं। अखंड ज्योतिष की लौ को नौ दिनों तक बुझने नहीं दिया जाता।
Image Source : Unsplashहालांकि, किसी भूलवश अगर अखंड ज्योति बुझ जाए तो आपको क्या करना चाहिए इसके बारे में आज हम आपको जानकारी देने वाले हैं।
Image Source : Unsplashअखंड ज्योति बुझ जाए तो आपको माता दुर्गा से क्षमा याचना करनी चाहिए और एक विशेष मंत्र का जप करना चाहिए।
Image Source : Unsplashयह मंत्र है- शुभं करोति कल्याणमरोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥ शुभं करोति कल्याणम-आरोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योति-नमोऽस्तुते।।
Image Source : Unsplashमंत्र का कम से कम 11 बार जप आपको अखंड दीपक को फिर से जालाते समय करना चाहिए।
Image Source : Unsplashदीपक बुझने की गलती की क्षमा माता मांगने के साथ ही आपको माता के सामने यह संकल्प भी लेना चाहिए कि आप दोबारा दीपक को नहीं बुझने देंगे।
Image Source : Unsplashक्षमा याचना और दीपक को फिर से जलाने के बाद आपको गलती से भी इसको दोबारा बुझने देना नहीं चाहिए।
Image Source : Unsplashअखंड ज्योति के दीपक को नवरात्रि समाप्त होने के बाद स्वयं ही आपको बुझने देना चाहिए। अखंड ज्योति जलाने से आपके जीवन का अंधकार दूर होता है।
Image Source : UnsplashNext : Rudraksh Se Jude Niyam: इस तरह का रुद्राक्ष कभी न पहनें, लाभ की जगह हो जाएगी हानि