

पूरे साल में आने वाली सभी 24 एकादशी तिथियों में निर्जला एकादशी को बहुत विशेष माना जाता है।
Image Source : Socialधार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से सभी एकादशियों के व्रत का शुभ फल प्राप्त होता है।
Image Source : Socialयही वजह है कि बाकी एकादशी तिथियों में इस व्रत के नियम भी ज्यादा कठिन है।
Image Source : Socialनिर्जला एकादशी के नाम से ही विदित है कि इस दिन व्रत रखने वाले के लिए जल का सेवन करना वर्जित होता है।
Image Source : Socialऐसे में कई लोगों का सवाल होता है कि इस दिन सूर्यास्त के बाद जल ग्रहण कर सकते हैं या नहीं, आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देंगे।
Image Source : Socialधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी पर व्रत रखने वाले को सूर्यास्त के बाद भी जल का सेवन नहीं करना चाहिए।
Image Source : Socialनिर्जला एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को होता है इसलिए व्रती को एकादशी के अगले दिन सूर्योदय के समय पारण करते वक्त ही जल का सेवन करना चाहिए।
Image Source : Socialहालांकि निर्जला एकादशी व्रत में रात्रि के समय आप भोजन में ऐसे फल शामिल कर सकते हैं जिनमें जल की मात्रा अधिक हो।
Image Source : Socialनिर्जला एकादशी का व्रत विधि विधान पूर्वक रखने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भक्तों को प्राप्त होता है।
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