

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। इस व्रत को करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Image Source : META AIपूरे साल में 24 एकादशी आती है, जिसमें निर्जला एकादशी सबसे अधिक महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है।
Image Source : META AIनिर्जला एकादशी का व्रत बिना अन्न और जल के रखा जाता है। इस व्रत में जल का एक बूंद भी ग्रहण नहीं किया जाता है।
Image Source : FILE IMAGEजो व्यक्ति 24 एकादशी का व्रत रखने में सक्षम नहीं है वो केवल निर्जला एकादशी का उपवास कर के भी शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।
Image Source : META AIकहते हैं कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से दूसरी सभी एकादशियों का लाभ मिल जाता हैं।
Image Source : FILE IMAGEसाल 2025 में निर्जला एकादशी का व्रत 6 जून को रखा जाएगा।
Image Source : META AIनिर्जला एकादशी का पारण 7 जून 2025 को किया जाएगा। पारण का समय दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से दोपहर 4 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।
Image Source : META AINext : अच्छे टीचर होते हैं इन 3 राशियों के लोग