

तुलसी विवाह के दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम अवतार का विवाह देवी तुलसी से होता है। लेकिन इस विवाह में आखिर गन्ने का मंडप क्यों सजाया जाता है आइए जानते हैं।
Image Source : India Tvभगवान विष्णु ने देवी तुलसी को वरदान दिया था कि मेरे शालिग्राम के रूप को आपके साथ पूजा जाएगा।
Image Source : File Imageतुलसी जी साक्षात मां लक्ष्मी के रूप में शालिग्राम भगवान की अर्धांगनी हैं।
Image Source : File Imageमान्यता है कि तुलसी विवाह के मंडप में गन्ने का प्रयोग इस लिए किया जाता है। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह का संबंध गन्ने से है।
Image Source : India Tvमाना जाता है कि विवाह का संबंध भी शुक्र ग्रह से होता है।
Image Source : File Imageमीठी चीजें, विवाह और सुंदरता आदि चीजों पर शुक्र ग्रह का नियंत्रण होता है। इस कारण शुभता के प्रतीक के तौर पर इसमे गन्ने के मंडप का प्रयोग होता है।
Image Source : File Imageएक वजह यह भी है कि कार्तिक मास में गन्ने की पहली फसल कटती है। इस वजह से लोग तुलसी विवाह में गन्ने का मंडप सजा कर पहली फसल के रूप में इसे अर्पित करते हैं जिससे शुभ फल प्राप्त हो।
Image Source : India Tvतुलसी विवाह करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और इसका पुण्य कन्यादान के समान माना जाता है
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