

पितृ पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से शुरू और आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को समाप्त होती है।
Image Source : FILE IMAGEकहते हैं कि पितृ पक्ष में पूर्वज अपने वंशजों से मिलने के लिए धरती पर आते हैं। ऐसे में इस दौरान इन कामों को करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
Image Source : FILE IMAGEपितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति और मुक्ति मिलती है।
Image Source : FILE IMAGEपितृ पक्ष में रोजाना पितरों को जल अर्पित करना चाहिए। साथ ही पितरों को भोजन भी दें।
Image Source : FILE IMAGEपितृ पक्ष के दौरान गरीब और जरूरतमंदों को भोजन कराने से पूर्वजों की असीम कृपा प्राप्त होती है।
Image Source : FILE IMAGEपितृ पक्ष में ब्राह्मणों को अन्न, जल और धन का दान करें। ऐसा करने से पितरों की कृपा से घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
Image Source : FILE IMAGEपितृ पक्ष के दौरान के रोजाना शाम के समय दक्षिण दिशा में मुख कर सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं।
Image Source : FILE IMAGEपितृ पक्ष में पशु, जानवरों को भोजन खिलाएं और पक्षियों को दाना दें।
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