

शनिदेव को हर शनिवार को तेल चढ़ाया जाता है।
Image Source : socialकहानी है कि शनिदेव को रावण के कैद से निकालकर हनुमान जी ने दूर फेंका था।
Image Source : socialइस दौरान शनिदेव को बहुत चोट आई। तब हनुमान जी ने शनिदेव के घावों पर सरसों का तेल लगाया।
Image Source : socialशनिदेव खुश हो गए और उन्होंने वरदान दिया कि जो उन्हें सरसों तेल चढ़ाएगा उसे उनके साथ बजरंग बली की भी कृपा प्राप्त होगी।
Image Source : freepikशनिदेव को तेल चढ़ाने से साढ़ेसाती और टैय्या से मुक्ति मिलती है।
Image Source : socialजिन लोगों की कुंडली में शनि भारी होता है उनके लिए भी तेल चढ़ाने फायदेमंद है।
Image Source : socialशनिवार को सरसों का तेल लें और इसमें काला तिल मिलाकर शनिदेव को चढ़ाएं।
Image Source : socialतेल चढ़ाने के लिए आप लोहे के बर्तन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
Image Source : freepikसाथ ही तेल चढ़ाने से पहले इस तेल में अपना चेहरा देख लें और फिर इसे चढ़ाएं।
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