

हमारे शास्त्रों में शंख का हमेशा से बहुत महत्व रहा है। किसी भी अच्छे कार्य की शुरुआत शंख बजाकर ही की जाती है।
Image Source : FILE IMAGEकहते हैं शंख में देवतागण वास करते हैं। इसके मध्य में वरुण देव, पृष्ठ भाग में ब्रह्मा जी और अग्र भाग में गंगा और सरस्वती का निवास माना जाता है।
Image Source : FILE IMAGEघर में शंख रखने से वास्तु संबंधी समस्या से छुटकारा मिलता है। साथ ही धन और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
Image Source : FILE IMAGEअगर आपके घर के किसी हिस्से में वास्तु संबंधी समस्या है तो उस कोने में शंख रखने से वहां का वास्तु दोष दूर हो जाता है।
Image Source : FILE IMAGEबता दें कि शंख प्रायः तीन प्रकार के होते हैं- दक्षिणावृत्ति शंख, मध्यावृत्ति शंख तथा वामावृत्ति शंख।
Image Source : FILE IMAGEजो शंख दाहिने हाथ से पकड़ा जाता है, वह दक्षिणावृत्ति शंख कहलाता है।
Image Source : FILE IMAGEजिस शंख का मुंह बीच में खुलता है, वह मध्यावृत्ति और जो शंख बायें हाथ से पकड़ा जाता है, वह वामावृत्ति शंख कहलाता है।
Image Source : FILE IMAGEइनमें से दक्षिणावृत्ति शंख को लक्ष्मी का कारक माना जाता है।
Image Source : FILE IMAGEदक्षिणावृत्ति शंख को घर में रखने से धन-संपदा में बरकत होती है।
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