

शरद पूर्णिमा का दिन चंद्र पूजन के लिए बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है।
Image Source : Unsplashशास्त्रों में कहा गया है कि चंद्रमा की किरणों में इस दिन ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो आपको निरोगी बना सकते हैं।
Image Source : Unsplashयही वजह है कि शरद पूर्णिमा के दिन रात्रि के समय खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखा जाता है और फिर अगले दिन इसे खाने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ आपको प्राप्त हो सकते हैं।
Image Source : Freepikसाल 2025 में शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को है। आइए जान लेते हैं कि इस दिन आपको कब चंद्रमा की रोशनी में खीर रखनी चाहिए।
Image Source : Unsplashशरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से शुरू होगी वहीं इसकी समाप्ति 7 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर होगी।
Image Source : Unsplashऐसे में 6 अक्टूबर की रात्रि को ही चंद्रमा की रोशनी में आपको खीर रखनी चाहिए। आपको बता दें कि 6 अक्टूबर पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम 6 बजकर 2 मिनट पर होगा।
Image Source : Unsplashइसलिए चंद्रमा की रोशनी में खीर आप शाम 6 बजकर 2 मिनट से रात्रि 10 बजे तक रख सकते हैं।
Image Source : Unsplashपूरी रात भर चंद्रमा की रोशनी में खीर को रखने के बाद इसे सुबह 7 बजे से पूर्व घर के अंदर ले आएं और इसके बाद प्रसाद के रूप में इसे घर के लोगों में वितरित करें।
Image Source : Unsplashचंद्रमा की रोशनी में रखी गई खीर का भोग आप भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को लगाकर भी इस दिन शुभ फल पा सकते हैं।
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