

षटतिला एकादशी भगवान विष्णु की सबसे प्रिय है, 6 फरवरी 2024 को इसका व्रत आज रखा जाएगा, आइए जानते हैं इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
Image Source : File Imageषटतिला एकादशी के दिन देर से सोकर न उठें। इस दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लिया जाता है।
Image Source : Pexelsजैसा की षटतिला इसके नाम में तिल लगा है, इस दिन आप तिल का सेवन अवश्य करें। मान्यता है कि इसका दान करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
Image Source : Freepikइस दिन अन्न न ग्रहण करें और चावल तो एकादशी के दिन भूल स न खाएं। चावल खाना एकादशी के दिन महापाप माना जाता है।
Image Source : Pexelsव्रत के दौरान आप फल खा सकते हैं और इसका भोग भगवान विष्णु को लगा सकते हैं। माना जाता है एकादशी के उपवास वाले दिन भोग लगाने से सभी मनोरथ भगवान पूर्ण करते हैं।
Image Source : Pexelsषटतिला एकादशी के दिन झूठ, निंदा, तामसिक भोजन, लड़ाई-झगड़ा आदि पाप कर्म करने से बचना चाहिए।
Image Source : Pexelsअगर आप व्रत रखते हैं तो इस दिन रात्रि जागरण करें और षटतिला एकादशी की व्रत कथा सुनें।
Image Source : Pexelsइस दिन आप भगवान विष्णु और देवी तुलसी की पूजा करें। संध्या काल में तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीया जलाएं।
Image Source : Pexelsमान्यता है कि ऐसा करने से श्री हरि और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन-संपदा का आशीर्वाद मिलता है।
Image Source : File Imageएक बात का ध्यान रखें एकादशी के दिन न तो तुलसी की पत्तियां तोड़नी चाहिए, न ही उसमें जल देना चाहिए।
Image Source : File Imageषटतिला एकादशी का पूर्ण व्रत रखने के बाद हिंदू पंचांग के अनुसार कल 7 फरवरी को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 18 मिनट तक व्रत का पारण सही समय पर करें।
Image Source : File Imageमान्यता है कि सही समय पर व्रत का पारण नहीं करने से पाप लगता है और व्रत का पुण्य नहीं प्राप्त होता है। पारण का अर्थ है व्रत को खोलने की विधि।
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