

सनातन धर्म में सूर्य को जल चढ़ाने का काफी महत्व है। ज्यादातर लोग सुबह उठकर सूर्यदेव को जल अर्पित करते हैं।
Image Source : pexelsकहा जाता है कि अगर आप नियमित रूप से भगवान सूर्य को जल चढ़ाएंगे तो इससे आपके जीवन से निगेटिव ऊर्जा खत्म होने लगती है। साथ ही कई लाभ भी मिलते हैं।
Image Source : pexelsलेकिन सूर्य देव को जल चढ़ाने से पहले उसके नियमों के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है। अगर आप नियमों के साथ ही सूर्य देव को जल अर्पित करेंगे तो इससे मां लक्ष्मी की कृपा होती है।
Image Source : pexelsसूर्य देव को जल चढ़ाने के लिए हमेशा तांबे के लोटे का यूज करें, क्योंकि तांबा सूर्य की ही धातु है।
Image Source : pexelsसूर्य देव को जल अर्पित करते वक्त उसमें अक्षत, रोली, फूल इत्यादि डाल लें तब जल चढ़ाएं।
Image Source : INSTAGRAMसूर्य को जल चढ़ाते समय जो पानी की धारा जमीन पर गिर रही है उस धारा से सूर्य को देखने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
Image Source : PEXELSसूर्य देव को जल चढ़ाने के बाद जो जल जमीन पर गिरता है उसे अपने मस्तक पर लगाएं तो सूर्य देव आपकी सारी इच्छाएं पूरी करेंगे।
Image Source : PEXELSसूर्य देव को जल देते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए - ''ऊं आदित्य नम: मंत्र या ऊं घृणि सूर्याय नमः'' आप गायत्री मंत्र का भी जाप कर सकते हैं।
Image Source : INSTAGRAMइस बात का ध्यान रखें कि सूर्य को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ये दिशा बेहद ही शुभ माना जाता है।
Image Source : PEXELSNext : घर में चूहों का आना क्या देता है संकेत, जानें शुभ या अशुभ