

तिरुपति बालाजी का मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमला पर्वत पर स्थित है।
Image Source : FILE IMAGEइस मंदिर से कई रहस्य भी जुड़े हुए हैं। हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।
Image Source : FILE IMAGEतिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति स्थापित है। वेंकटेश्वर स्वामी विष्णु जी के अवतार माने जाते हैं।
Image Source : FILE IMAGEकहा जाता है कि तिरुपति बालाजी मंदिर में स्थित श्री वेंकेटेश्वर जी की मूर्ति इतनी मजबूत है कि कभी क्षतिग्रस्त नहीं हो सकती है।
Image Source : FILE IMAGEवहीं कहते हैं कि भगवान वेंकेटेश्वर की मूर्ति पर कान लगाकर सुनें तो समुद्र की लहरों की आवाज सुनाई देती है।
Image Source : FILE IMAGEतिरुपति बालाजी मंदिर में सबसे अधिक चढ़ावा चढ़ाया जाता है इसके बावजूद भगवान श्री वेंकटेश्वर गरीब माने जाते हैं।
Image Source : FILE IMAGEधार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, तिरुपति बालाजी ने कुबेर जी से कर्ज लिया था, जो कि कलियुग के अंत तक चुकाना है। इसलिए भक्तगण इस मंदिर में सोना-चांदी और धन चढ़ाते हैं।
Image Source : FILE IMAGEतिरुपति बालाजी मंदिर में एक दीया हमेशा जलता रहता है, जिसमें कभी भी तेल या घी नहीं डाला जाता।
Image Source : FILE IMAGEइस दीये को कब और किसने जलाया था इसके बारे में अबतक किसी को कोई जानकारी नहीं है।
Image Source : FILE IMAGEतिरुपति बालाजी के दर्शन के बाद देवी पद्मावती के दर्शन किए जाते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर के दर्शन के बिना तिरुमाला यात्रा पूरी नहीं होती है। देवी पद्मावती को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है।
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