

श्री राम के परम भक्त हनुमान की महिमा कौन नहीं जानता, विवेक, ज्ञान और आठ सिद्धियों से युक्त विद्या आखिर उन्हें किनसे प्राप्त हुई आइए जानते हैं।
Image Source : File Imageबिना गुरु के संसार में कोई नहीं आगे बढ़ सका है। माता-पिता और गुरु ये तीन शास्त्रों में वंदनीय बताए गए हैं।
Image Source : File Imageहनुमान जी का इन तीनों के प्रति निस्वार्थ समर्पण रहा है।
Image Source : File Imageहनुमान जी को ज्ञान गुण सागर कहते हैं। आखिर ये ज्ञान उन्हें किसने दिया और कौन हैं उनके गुरु। आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं।
Image Source : File Imageशास्त्रों में हनुमान जी के गुरु सूर्य भगवान को बताया गया हैं।
Image Source : File Imageबचपन में हनुमान जी ने सूर्य देव को फल समझ कर अपने मुख में रख रख लिया था। फिर भी सूर्य देव ने उनको ज्ञान दिया।
Image Source : File Imageमान्यता है कि हनुमान जी ने संपूर्ण वेद की शिक्षा अपने गुरु सूर्य देव से प्राप्त की है।
Image Source : File Imageसूर्य देव ज्ञान और ऊर्जा दोनों के कारक श्रोत हैं और गुरु का गुण शिष्य में अवश्य होता है।
Image Source : File Imageहनुमान जी में गुरु भक्ति, प्रभु राम में अटूट आस्था और भक्तों की रक्षा के लेए सदैव तत्पर रहना। ये सभी गुण उनकों वंदनीय बनाते हैं।
Image Source : File Imageकलयुग में हनुमान जी की पूजा मात्र से सभी संकट मिट जाते हैं। इनकी कृपा पाने के लिए रोज हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
Image Source : File Imageशास्त्रों में ये भी वर्णित है कि हनुमान जी ने नारद मुनी और मातंग ऋषि से भी ज्ञान प्राप्त किया था। उन्होंने इनसे भी थोड़ी बहुत शिक्षा प्राप्त की थी।
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