

वास्तु के अनुसार, उत्तर और पूर्व में शीशा लगाना सबसे शुभ होता है। इन दिशाओं से सूर्य की रोशनी और प्राकृतिक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है, जिससे पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। ड्राइंग रूम या डाइनिंग एरिया में शीशा ऐसे लगाएं कि सनलाइन उसमें प्रतिबिंबित हो सके।
Image Source : Pexelsदक्षिण और पश्चिम दिशा में शीशा लगाने से बचें। दक्षिण दिशा अग्नि का स्थान है। यहां शीशा लगाने से ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है और झगड़े, स्ट्रेस और पैसों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पश्चिम दिशा में शीशा लगाने से सूर्यास्त की नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।
Image Source : Freepikअगर बेडरूम में शीशा लगाना है, तो ध्यान रखें कि सोते हुए व्यक्ति की परछाईं उसमें न दिखे। सोते समय छवि दिखने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है, जिससे अनिद्रा, थकान और दांपत्य जीवन में तनाव हो सकता है।
Image Source : Pexelsबेडरूम में ड्रेसिंग टेबल का शीशा ऐसा लगाएं कि वह सीधे बिस्तर की ओर न हो। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
Image Source : Freepikमुख्य दरवाजे के ठीक सामने शीशा लगाना वास्तु दोष माना जाता है। इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है और परिवार में असहमति, झगड़े और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
Image Source : Pexelsमुख्य दरवाजे के बगल में शीशा लगाना शुभ माना गया है। यह घर में प्रवेश करने वाली रोशनी और ऊर्जा को दोगुना कर देता है और सकारात्मक वातावरण बनाए रखता है।
Image Source : Freepikपुराना, टूटा या धुंधला शीशा घर में अशुभता लाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और परिवार में मानसिक बेचैनी और कलह बढ़ती है।
Image Source : Pexelsदिवाली की सफाई के दौरान घर में कहीं पुराना या टूटा शीशा हो तो उसे तुरंत हटा दें। नया और साफ शीशा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली बनी रहती है।
Image Source : Pexelsसही दिशा में शीशा लगाने से घर में खुशियों, सुख-शांति और आर्थिक लाभ का वास होता है। दिवाली पर यह कदम घर की ऊर्जा संतुलित करता है और परिवार में सौहार्द बढ़ाता है।
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