

वास्तु शास्त्र अनुसार गलत दिशा में बनवाई गई टॉयलेट सीट स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है इसलिए इसका सही दिशा में होना जरूरी है।
Image Source : canvaशौचालय की सीट हमेशा ऐसी दिशा में रखनी चाहिए जिससे उस पर बैठते समय व्यक्ति का मुंह घर की उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर हो। कहते हैं इससे परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य संतुलित रहता है।
Image Source : canvaइसके अलावा पूर्वी या उत्तर-पूर्वी कोने में टॉयलेट सीट कभी नहीं बनवानी चाहिए क्योंकि ये दिशाएं धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के लिए होती है।
Image Source : canvaआपके बाथरूम का ड्रेनेज सिस्टम चाहे वह टॉयलेट सीट का हो या आपके वॉश बेसिन का पश्चिमी दिशा में होना चाहिए। बता दें घर का पश्चिमी भाग वह क्षेत्र है जहां कचरा बाहर निकाला जाना चाहिए।
Image Source : canvaवास्तु अनुसार टॉयलेट में लकड़ी के दरवाजे लगवाएं ताकि आपके बाथरूम से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जाओं का असर कम हो सके।
Image Source : canvaअगर किसी मजबूरी के चलते दक्षिण दिशा में आपका टॉयलेंट है तो उसके बुरे प्रभावों को कम करने के लिये टॉयलेट के दरवाजे पर तांबे की पत्ती जड़वाएं। इससे नकारात्मक प्रभाव कम हो जाएगा।
Image Source : canvaवास्तु के अनुसार बाथरूम में शौचालय और शॉवर को अलग रखना चाहिए। आप टॉयलेट सीट और शॉवर के बीच कांच की दीवार भी बनवा सकते हैं।
Image Source : canvaवास्तु के अनुसार घर के मध्य में शौचालय बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए।
Image Source : canva(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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