

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में कान्हा जी के दर्शन के लिए हर रोज भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
Image Source : FILE IMAGEबांके बिहारी मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कहते हैं कि यहां भक्तों द्वारा मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।
Image Source : FILE IMAGEहर हिंदू मंदिर की तरह बांके बिहारी में घंटी बजाने की परंपरा नहीं है। तो आइए जानते हैं कि इस मंदिर में घंटी क्यों नहीं है।
Image Source : FILE IMAGEबांके बिहारी मंदिर की स्थापना स्वामी हरिदास जी ने की थी। यह मंदिर भगवान कृष्ण के बाल रूप को समर्पित है।
Image Source : FILE IMAGEवृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में घंटी इसलिए नहीं है क्योंकि यहां कान्हा जी बाल रूप में विराजित हैं।
Image Source : FILE IMAGEऐसे में घंटियों की आवाज से लड्डू गोपाल चौंक सकते हैं। इसकी आवाज से उन्हें परेशानी हो सकती है।
Image Source : FILE IMAGEबाल गोपाल को किसी भी तरह की परेशानी न हो, उनकी नींद खराब न हो इसलिए बांके बिहारी में घंटी और घड़ियाल नहीं लगाए गए हैं।
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