

मंगल और सूर्य की युति से ऐक ऐसा महान योग बनता है जिसकी चर्चा ज्योतिष शास्त्र में विद्वानों द्वारा की गई है।
Image Source : File Imageआइए जानते हैं मंगल और सूर्य की युति से बनने वाले महायोग के बारे में।
Image Source : File Imageज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल और सूर्य अग्नि तत्व ग्रह हैं। ये दोनों ग्रह ऊर्जावान ग्रहों की श्रेणी में आते हैं।
Image Source : File Imageसूर्य ग्रहों के राजा हैं वहीं मंगल ग्रहों के सेनापति। अब ये दोनों ग्रह यदि कुंडली में एक साथ बैठें हों तब बनता है माहापराक्रम राजयोग।
Image Source : File Imageज्योतिष शास्त्र में यहा माना जाता है कि मंगल और सूर्य की युति से महापराक्रम योग बनता है।
Image Source : File Imageजहां मंगल ऊर्जा, साहस, निडरता और बल शक्ति के कारक ग्रह कहलाए जाते हैं वहीं सूर्य लीडरशिप, आत्मविश्वास, राजा और अथाह ज्ञान के कारक कहे गए हैं।
Image Source : File Imageअब ये दोनों ग्रह जब एक साथ बैठें हों तो इन दोनों के लक्ष्ण व्यक्ति के अंदर देखें जाते हैं।
Image Source : File Image15 दिसंबर 2023 तक वृश्चिक राशि में मंगल और सूर्य एक साथ होने के कारण पराक्रम योग बना हुआ है।
Image Source : File Imageअधिक्तर देखा गया है कि मंगल और सूर्य जिनकी कुंडली में एक साथ मित्र भाव में होकर बैठते हैं वो लोग मिलिट्री, बड़े राजनेता, अच्छे फाइटर, एथलीट के क्षेत्र में होते हैं या उस क्षेत्र में जाने का जुनून रखते हैं।
Image Source : Freepikयदि कुंडली के तीसरे भाव में मंगल और सूर्य की युति हो तो ऐसे लोगों का साहस सातवें आसमान पर होता है।
Image Source : File Imageये लोग स्वभाव से डरपोक बिल्कुल नहीं होते हैं और इनकी हिम्मत की लोग समाज में दांत देते हैं। कुंडली का तीसरा भाव व्यक्ति के साहस को दर्शाता है।
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