

हर माह में 2 एकादशी आते हैं, लेकिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि बेहद खास मानी जाती है, यह व्रत बेहद कठिन होता है।
Image Source : File Photoपंचांग के मुताबिक, इस साल निर्जला एकादशी का व्रत 6 जून को है, यानी साधक को 6 जून को व्रत रहना है।
Image Source : File Photoइस दिन मान्यता है भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से सभी सुख-समृद्धि हासिल किए जा सकते हैं।
Image Source : File Photoहालांकि इस व्रत के नाम निर्जला से ही स्पष्ट है कि इस दिन उपवास रखने वाला पानी तक नहीं पी सकता है, वह जब ज्येष्ठ माह की गर्मी अपने चरम पर होती है तब, इस कारण यह व्रत बेहद कठिन माना जाता है।
Image Source : File Photoयदि किसी ने व्रत के दौरान गलती से जल ग्रहण कर लिया तो उसका व्रत खंडित हो जाता है और उसे पुण्य नहीं मिलता।
Image Source : File Photoऐसे में आइए जानते हैं कि कब पानी पी सकते हैं...
Image Source : File Photoशास्त्रों के मुताबिक, व्रत करने वाले व्यक्ति को अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करना चाहिए, उसके बाद ही वह पानी पी सकता है।
Image Source : File Photoइस बार पारण का समय 7 जून की सुबह 05.00 बजे हैं, ऐसे में व्रती 5 बजे पानी पी सकते हैं।
Image Source : File Photoध्यान रहे कि निर्जला एकादशी के दिन सुबह उठने के बाद पहले नहाएं और भगवान को जल अर्पित करें फिर जल ग्रहण करें।
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