

हिंदू धर्म में सूर्यदेव को जल चढ़ाने का विशेष महत्व है, स्नान के बाद उगते सूर्य को जल अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है।
Image Source : Social Mediaसूर्य देव को जल देने से जातक के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा शुद्धि हो जाती है।
Image Source : Social Mediaपर शास्त्रों के मुताबिक, कुछ दिन ऐसे भी हैं जब सूर्यदेव को जल अर्पित करने से बचना चाहिए।
Image Source : File Photoऐसे में आइए जानते हैं कि किस दिन सूर्य को जल नहीं चढ़ाना चाहिए
Image Source : Social Mediaग्रहण (सौर या चंद्र):- ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान सूर्यदेव की ऊर्जा बाधित हो जाती है, ऐसे में इस समय अर्घ्य सूर्य देव को नहीं मिलता बल्कि निशाचरों को अर्पित हो जाता है। ऐसे में यह अशुभ होता है।
Image Source : Social mediaअमावस्या:- यह दिन जातकों के पूर्वजों और पितृ पूजा के लिए समर्पित है, इसलिए इस दिन सूर्य को जल अर्पित करने से बचना हितकारी है।
Image Source : Social Mediaपूर्णिमा:- अमावस्या की तरह, पूर्णिमा को अन्य अनुष्ठानों और अर्घ्य देने के लिए शुभ नहीं माना जाता है, ऐसे में सूर्य देव को भी जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
Image Source : Social Mediaराहु काल:- राहु काल एक ऐसा समय है जिसे सूर्यदेव को जल अर्पित करने सहित कई गतिविधियों के लिए अशुभ माना जाता है।
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