

वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा के दौरान अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।
Image Source : freepikइनमें से भी पूर्व दिशा में मुख करके पूजा-अर्चना करना श्रेष्ठ रहता है। पूर्व दिशा शक्ति व शौर्य की प्रतीक है।
Image Source : freepikवास्तु शास्त्र में पूजा के लिये पश्चिम की तरफ पीठ करके यानी पूर्वाभिमुख होकर बैठना ज्ञान प्राप्ति के लिए अच्छा माना जाता है।
Image Source : freepikइस दिशा में उपासना करने से हमारे भीतर क्षमता और सामर्थ्य का संचार होता है।
Image Source : freepikइस दिशा में पूजा स्थल होने से घर में रहने वालों को शांति, सुकून, धन, प्रसन्नता और स्वास्थ लाभ मिलता है।
Image Source : freepikपूजा के बाद घंटी अवश्य बजाना चाहिए साथ ही एक बार पूरे घर में घूमकर भी घंटी बजानी चाहिए। ऐसा करने पर घंटी की आवाज से नकारात्मकता नष्ट होती है और सकारात्मकता बढ़ती है।
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