

पूरी दुनिया में 1 जनवरी को नए साल का जश्न मनाया जाता है। इसी दिन से नए साल की शुरुआत होती है।
Image Source : Social Mediaलेकिन विविधता में एकता को मानने वाले देश भारत में 1 नहीं 5 बार न्यू ईयर सेलिब्रेट किया जाता है।
Image Source : Social Mediaऐसा इसलिए होता है क्योंकि भारत में हर धर्म के लोग रहते हैं और अलग-अलग धर्मों में नया साल अलग-अलग समय पर शुरु होता है।
Image Source : Social Mediaईसाई धर्म में सबसे पहले रोमन शासक जुलियस सीजर ने 1 जनवरी को न्यू ईयर मनाया था। तब से दुनिया के हर देश में 1 जनवरी को नए साल का जश्न मनाया जाता है।
Image Source : Social Mediaवहीं, भारत में रहने वाले हिंदू धर्म के लोग चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को अपना नया साल मानते हैं। इसी दिन से विक्रम संवत की शुरुआत हुई थी।
Image Source : Social Mediaजबकि पारसी लोग नवरोज के दिन यानी 19 अगस्त को अपना नववर्ष मनाते हैं। भारत में पारसी लोग कम हैं लेकिन ये लोग काफी प्रभावी लोग हैं।
Image Source : Social Mediaसिख धर्म के लोग नानकशाही कैलेंडर के अनुसार वैशाखी के दिन अपना नया साल मनाते हैं।
Image Source : Social Mediaजैन धर्म के लोग दिवाली के अगले दिन अपना नववर्ष मनाते हैं, इसे वीर निर्वाण संवत कहा जाता है।
Image Source : Social Mediaइसलिए भारत ही इकलौता देश है जहां नववर्ष 1 जनवरी को नहीं बल्कि कई अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाता है।
Image Source : Social MediaNext : इस देश के लोग चलाते हैं सबसे ज्यादा साइकिल