

भारत अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
Image Source : karur.nic.inयहां का हर राज्य विविधताओं से भरा हुआ है। ऐसा ही एक राज्य तमिलनाडु भी है जो विविधता में एकता के लिए जाना जाता है।
Image Source : karur.nic.inआज हम आपको तमिलनाडु के करूर शहर के बारे में कुछ खास बातें बताने वाले हैं।
Image Source : indiarailinfo.comकरूर जिला इतिहास में, अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण चेर, चोल, पांड्य और पल्लव जैसे विभिन्न तमिल राजाओं की युद्धभूमि रहा है।
Image Source : karur.nic.inयह शहर कुटीर और हथकरघा वस्त्रों के लिए भी प्रसिद्ध है। पशुपतिश्वर मंदिर करूर शहर का एक प्रमुख आकर्षण है।
Image Source : karur.nic.inकरूर शहर के मध्य में श्री मरिअम्मन को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। हर साल मई के महीने में मनाए जाने वाले कुंबुम उत्सव में जाति-धर्म से ऊपर उठकर सभी वर्ग के लोग भाग लेते हैं।
Image Source : karur.nic.inकरूर की आधिकारिक वेबसाइट (karur.nic.in) के मुताबिक, इसका नाम संभवतः करूवूर थेवर के नाम पर पड़ा होगा, जो दिव्य संगीत थिरुविचैप्पा गाने वाले नौ भक्तों में से एक थे।
Image Source : karur.nic.inकरूर संगम काल के आरंभिक चेर राजाओं की राजधानी थी। संगम काल में इसे करूवूर या वंजी कहा जाता था।
Image Source : karur.nic.inकरूर अमरावती नदी के तट पर बसा है जिसे संगम काल में अन्नापोरुणई कहा जाता था।
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