गैंडे को संस्कृत में क्या कहते हैं, जीवन में कभी नहीं सुना तो आज जान लें

गैंडे को संस्कृत में क्या कहते हैं, जीवन में कभी नहीं सुना तो आज जान लें

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दुनिया के कोने-कोने में आपको कई तरह के अनोखे और अजब-गजब जीव देखने को मिलते होंगे।

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लंबे, मोटे, तगड़े, मांसल जैसे कई प्रकार के जीवों की इस फेहरिस्त में एक नाम गैंडे का भी आता है।

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गैंडे की पांच जीवित प्रजातियां हैं - सफेद, काला, एक सींग वाला, जावन और सुमात्रा।

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भारतीय गैंडा किसी शिकारी या दूसरे गैंडे से अपना बचाव करता है, तो वह अपने सींगों से उसे घायल नहीं करता।

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इनकी एक खास बात है कि, गैंडे के सींग हड्डी के नहीं बल्कि केराटिन के बने होते हैं, वही पदार्थ जो आपके बालों और नाखूनों में पाया जाता है।

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गैंडों का गर्भकाल 15-16 महीने का होता है। केवल हाथियों का गर्भकाल इससे भी लंबा होता है, जो लगभग 2 साल तक गर्भ धारण करते हैं।

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मगर क्या आपको ये पता है कि, गैंडे को संस्कृत में क्या कहा जाता है ?

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दरअसल, एक सींग होने के कारण इनको संस्कृत में एकशृङ्ग कहा जाता है। इसके अलावा इनको गण्डकः भी कहा जाता है।

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डिस्क्लेमर: इस खबर में दिए गए तथ्य सोशल मीडिया पर वायरल रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इनकी पुष्टि नहीं करता है।

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