

माना जाता है कि, शरद पूर्णिमा पर चांद की पूजा करने पर चंद्रमा की स्थिति काफी मजबूत होती है।
Image Source : Pexelsबचपन से लेकर आज तक आपने चांद से जुड़ी कई बातें, रहस्य, कथा और कहानियां तो आप सुनी होंगी।
Image Source : Pexelsमगर आज हम आपको चांद से जुड़ा एक ऐसा फैक्ट बताएंगे जिसको सुनने के बाद आप सोच में पड़ जाएंगे।
Image Source : Pexelsक्या आपने कभी सोचा है कि, चांद को हमेशा चंदा 'मामा' ही क्यों कहा गया है ? चाचा, ताऊ, फूफा, जीजा या फिर और कुछ क्यों नहीं कहा गया ? हम बताते हैं।
Image Source : Pexelsदरअसल, ऐसा माना जाता है कि जब समुद्र मंथन हो रहा था तो मां लक्ष्मी के बाद कई तत्व बाहर निकले जिसमें चन्द्रमा और कई चीजें थीं और उन चीजों माता का भाई या बहन माना गया।
Image Source : Pexelsचूंकि हिन्दू मान्यताओं में श्री यानी लक्ष्मीजी को माता माना गया है इस हिसाब से चन्द्रमा उनके भाई कहलाए और माता का भाई हमेशा मामा माना ही जाता है। इस तरह चन्द्रमा चंदा मामा हो गए।
Image Source : Pexelsपौराणिक कथाओं से इतर इसकी एक और वजह भी है जिसके बारे में हम आपको बता देते हैं।
Image Source : Pexelsदरअसल, पृथ्वी भी लक्ष्मीजी की तरह मां कहलाती है और चन्द्रमा पृथ्वी के चारों ओर भाई की भांति चक्कर लगाता है। इसलिए भी इसे मामा कहते हैं।
Image Source : Pexelsडिस्क्लेमर: ये इस खबर में किए दावे मान्यताओं और किंवदंतियों पर आधारित हैं इसलिए इंडिया टीवी इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी दावे को विचार में लाने से पहले आवश्यक जानकारों से परामर्श अवश्य लें।
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