

क्रिसमस को मनाने को लेकर कई तरह के दावे हैं। कुछ लोग कहते हैं कि ईसाइयों के भगवान यीशु के जन्मदिन के बाद इस त्यौहार को मनाने का चलन शुरू हुआ। मगर कुछ लोग इसके पूर्व से ही इस त्योहार को मनाने का दावा करते हैं। कुछ इतिहासकार इसे रोमन पर्व सेंचुनेलिया से जोड़ते हैं। सेंचुनेलिया रोमन देवता हैं। ईसाई धर्म की स्थापना के बाद यीशु को ही अपना ईश्वर मानकर सेंचुनेलिया को क्रिसमस डे के रूप में मनाया जाने लगा।
Image Source : File25 दिसंबर को ही क्रिसमस डे मनाए जाने की भी एक वजह है। पहले इस दिन बड़ा दिन मनाया जाता था। सनातन धर्म में अभी भी इसे बड़ा दिन के रूप में मनाते हैं। मान्यता है कि इस दिन ही भगवान सूर्य का जन्म हुआ। मगर बाद में ईसाइयों ने 25 दिसंबर को ही क्रिसमस डे मनाने का ऐलान कर दिया। ताकि अन्य लोग भी बड़ा दिन भूलकर क्रिसमस पर ही मुख्य फोकस करें।
Image Source : Fileक्रिसमस डे मनाने की शुरुआत आज से 1900 वर्ष से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। सन 098 से क्रिसमस की शुरुआत का ग्रंथों में जिक्र है। कुछ ग्रंथों में सन 137 से क्रिसमस डे मनाए जाने का विवरण है। कहा जाता है कि इसी सन में रोमन बिशप ने आधिकारिक रूप से क्रिसमस डे की घोषणा की थी।
Image Source : Fileक्रिसमस का त्यौहार मनाने की शुरुआत मुख्य रूप से रोम यानि इटली से मानी जाती है। हालांकि कुछ इतिहासकारों ने अमेरिका से इसकी शुरुआत मानी है।
Image Source : Fileक्रिसमस डे के दिन पेड़ों को सुंदर और रंग बिरंगी लाइटों से सजाने का प्रचलन है। इस दिन सैंटा बच्चों को उपहार बांटते हैं।
Image Source : Fileअब क्रिसमस का त्यौहार दुनिया के तमाम देशों में मनाया जाने लगा है। जबकि यह मुख्य रूप से ईसाइयों का त्यौहार है।
Image Source : Fileप्रभु ईशु का जन्म 4 ईसा पूर्व में माना जाता है।
Image Source : Fileप्रभु यीशु का जन्म यहूदिया प्रांत के बेथलेहेम में हुआ था।
Image Source : FileNext : दुनिया के किस देश में आधे से अधिक आबादी को नसीब नहीं है पीने का साफ पानी?