

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि इसी धरती पर भूटान में एक ऐसी जगह है, जहां आज तक इंसानों के कदम नहीं पहुंच सके हैं। इसकी वजह क्या है?
Image Source : Fileबता दें कि भूटान में गांगखर पुएनसुम एक ऐसी पर्वत चोटी है, जहां आज तक इंसानों के कदम नहीं पहुंच पाए हैं। हालांकि ऊंचाई में यह चोटी एवरेस्ट से कम है। मगर इस चोटी की कई जटिलताएं हैं।
Image Source : Fileआप जानते होंगे कि भूटान चारों तरफ से स्थलों से घिरा हुआ पर्वतीय क्षेत्र है। इसके उत्तर में कई पर्वतों की चोटियाँ 7000 मीटर से भी ज्यादा ऊंची हैं। भूटान की सबसे ऊंची चोटी कुला कांगरी है, जो 7553 मीटर है। मगर यहां एक इससे कम ऊंची चोटी है, जहां इंसान नहीं पहुंच सका है।
Image Source : Fileभूटान की गांगखर पुएनसुम पर्वत चोटी की ऊंचाई 6896 मीटर है, जिस पर अभी तक मानवों के कदम नहीं पहुंचे हैं। ऐसा इसलिए है कि यहां की चोटियां इतनी ऊबड़-खाबड़ और बीहड़ों से पटी पड़ी हैं कि इसके पीक तक पहुंचने का कोई रास्ता ही नहीं खोजा जा सका है।
Image Source : Fileभूटान का 70 फीसदी हिस्सा वन से आच्छादित है। इसका सबसे बड़ा शहर राजधानी थिम्फू है, जहां 50 हजार लोग रहते हैं।
Image Source : Fileभूटान में 75 फीसदी बौद्ध धर्म और 25 फीसदी हिंदू धर्म को मानने वाले लोग हैं। यहां की आय का मुख्य साधन कृषि और पन बिजली से होने वाली आय है। भूटान भारत को बिजली बेचता है। भारत ही भूटान का मुख्य सहयोगी है। भूटान के विकास में भारत का अहम सहयोग रहा है।
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