दुनिया के कई देशों में कानूनी, सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं के चलते ट्रांसजेंडर्स को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है।

दुनिया के कई देशों में कानूनी, सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं के चलते ट्रांसजेंडर्स को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है।

Image Source : ap

आइए जानते हैं कि किन देशों में ट्रांसजेंडर समुदाय को कानूनी मान्यता नहीं दी गई है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।

Image Source : ap

कई देशों में ट्रांसजेंडर्स को ना तो उनके जेंडर की पहचान का अधिकार है और ना ही इसे आधिकारिक दस्तावेजों में मान्यता दी जाती है।

Image Source : ap

कई देश ऐसे भी हैं जहां ट्रांसजेंडर्स को अपना जेंडर बदलने का कानूनी अधिकार नहीं है। इनमें मध्य पूर्व के कई देश शामिल हैं।

Image Source : ap

मध्य पूर्व के देश: सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों पर प्रतिबंध हैं।

Image Source : ap

अफ्रीकी देश: नाइजीरिया, युगांडा और जाम्बिया जैसे देशों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ना केवल कानूनी मान्यता से वंचित रखा गया है, बल्कि उनके खिलाफ कठोर कानून भी हैं।

Image Source : ap

रूस में ट्रांसजेंडर्स पर कड़े प्रतिबंध हैं। यहां ट्रांसजेंडर लोगों को कानूनी पहचान मिलने में कठिनाई होती है।

Image Source : ap

चीन में भी ट्रांसजेंडर अधिकारों को व्यापक रूप से मान्यता नहीं दी गई है। कई बार भेदभाव, हिंसा और उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ता है।

Image Source : ap

भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय को कानूनी मान्यता मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर्स को 'तीसरे जेंडर' के रूप में मान्यता दी है।

Image Source : ap

ट्रांसजेंडर समुदाय को कानूनी मान्यता देने में कई देशों को अभी भी लंबा सफर तय करना है। यह केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक बदलाव को भी दर्शाता है।

Image Source : ap

Next : दुनिया में कहां है उल्टी दिशा में बहने वाली नदी?