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'पैसा' लाएगा चीन और पाकिस्तान की दोस्ती में दरार! विशेषज्ञों ने बताया कैसे ड्रैगन के जाल में फंस चुका है पाक

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Feb 27, 2023 06:47 am IST,  Updated : Feb 27, 2023 02:58 pm IST

पहले ही चीन के कर्ज के बोझ से झुका कंगाल पाकिस्तान चीन के कर्ज के जाल में बुरी तरह फंसने वाला है। चीन का कर्ज वापस न चुका पाने की स्थिति में विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच दोस्ती में दरार पड़ने वाली है। दोस्ती में दरार का कारण 'पैसा' है।

'पैसा' लाएगा चीन और पाकिस्तान की दोस्ती में दरार!- India TV Hindi
'पैसा' लाएगा चीन और पाकिस्तान की दोस्ती में दरार! Image Source : FILE

China-Pakistna: चीन और पाकिस्तान के बीच दोस्ती जगजाहिर है। लेकिन चीन के कर्ज के बोझ से पाकिस्तान बुरी तरह दबा हुआ है। चीन अपना कर्ज लेना अच्छे से जानता है, नहीं तो हालात श्रीलंका जैसे बन जाते हैं। अगले कुछ दिनों में चीन एक और बड़ा कर्ज पाकिस्तान को देने जा रहा है। यह कर्ज 700 मिलियन डॉलर का होगा। हाल ही में अमेरिका ने कंगाल पाकिस्तान को कर्ज देने की बात चीन से कही थी। इन सबके बीच विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि पहले ही चीन के कर्ज के बोझ से झुका कंगाल पाकिस्तान चीन के कर्ज के जाल में बुरी तरह फंसने वाला है। चीन का कर्ज वापस न चुका पाने की स्थिति में विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच दोस्ती में दरार पड़ने वाली है। दोस्ती में दरार का कारण 'पैसा' है।

पाकिस्तान में सीपीईसी पर चीन अब तक खर्च कर चुका है 62 अरब डॉलर

कंगाल पाकिस्तान को दिवालिया हालत से निकालने के लिए चीन फिर मदद देने जा रहा है। चीन पहले ही पाकिस्तान में बन रहे आर्थिक गलियारे यानी सीपीईसी पर अब तक 62 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। यह प्रोजेक्ट 2013 में शुरू हुआ था। हालत यह हो गई है कि कंगाल पाकिस्तान पुराने कर्ज को चुकाने के लिए कटोरा लेकर दुनियाभर में भटक रहा है। इसे लेकर पाकिस्तानी परमाणु भौतिक विज्ञानी और कार्यकर्ता परवेज हुडभाय ने पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' में लिखा है, पाक-चीन दोस्ती के अटूट बंधन तनाव में है।

उन्होंने कहा, अधिकांश आईपीपी सौदों को एक घोटाला माना जाता है। इसलिए चीनी कंपनियों को कर छूट है। चीन से शुल्क मुक्त आयात ने कई स्थानीय निमार्ताओं को दिवालियापन की ओर धकेला है। पाकिस्तान के लिए मार्शल योजना के रूप में सीपीईसी की बकवास है। युद्ध से यूरोप बर्बाद हो गया था, लेकिन पाकिस्तान अपने ही कामों के कारण घुटनों के बल गिर गया।

पाकिस्तान पर आईएमएफ के कर्ज से भी तीन गुना चीन का कर्ज

आईएमएफ के आंकड़ों के मुताबिक, चीन के पास पाकिस्तान के 126 अरब डॉलर के कुल बाहरी विदेशी कर्ज का करीब 30 अरब डॉलर है। हूडभॉय ने कहा कि यह उसके आईएमएफ कर्ज (7.8 अरब डॉलर) का तीन गुना है, जो विश्व बैंक व एशियाई विकास बैंक के संयुक्त उधार से अधिक है। हुडभाय ने कहा कि कर्ज की यही स्थिति रही तो पाकिस्तान का हाल भी श्रीलंका जैसा हो सकता है। पाकिस्तान की आवाम में महंगाई और दुश्कर लाइफस्टाइल के कारण गुस्सा बढ़ता जा रहा है। 

और गिरेगा मुद्रा भंडार

पाकिस्तान का सकल आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार पिछले सप्ताह तक 3.2 बिलियन डॉलर था, जो किसी नए विदेशी ऋण के अभाव में और गिर सकता है।

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