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गुरपतवंत सिंह मामले में नरम पड़े अमेरिका के तेवर, कहा-"पन्नू भारत द्वारा घोषित आतंकी, हत्या की साजिश पर अभी कुछ नहीं बोलेंगे"

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : May 10, 2024 11:34 am IST,  Updated : May 10, 2024 11:35 am IST

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के प्रयास की साजिश मामले को लेकर अमेरिका ने बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि पन्नू अमेरिकी और कनाडाई नागरिक होने के साथ ही साथ भारत द्वारा घोषित आतंकवादी भी है। इसलिए हत्या के प्रयास की साजिश का आरोप साबित नहीं होने तक हम कुछ नहीं कहेंगे।

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन। (फाइल)- India TV Hindi
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन। (फाइल) Image Source : REUTERS

वाशिंगटनः अमेरिकी नागरिक और भारत द्वारा घोषित खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले में वाशिंगटन के तेवर अब काफी नरम पड़ गए हैं। अमेरिका ने कहा कि पन्नू भारत द्वारा घोषित आतंकवादी है। हालांकि वह अमेरिकी और कनाडाई नागरिक है। मगर जब तक उसकी हत्या के प्रयास की साजिश का आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो जाता, तब तक वह इस मामले पर कुछ भी नहीं बोलेगा। अमेरिका ने कहा कि पन्नू मामले में अब तक भारत की जांच से वह संतुष्ट है। 

भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी पन्नू के खिलाफ कथित हत्या की साजिश को लेकर जवाबदेही की दिशा में भारत के कदमों पर हमें संतोष है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और यह एक चालू कानूनी मसला है। इसलिए जब तक जूरी के सामने "आरोप साबित नहीं हो जाते" तब तक वह "कुछ भी नही बोलेगा"। क्योंकि पन्नू भारत द्वारा घोषित आतंकवादी भी है। विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने गुरुवार को ब्रीफिंग में कहा, ''मैं इस मामले को यहीं छोड़ दूंगा।''

गार्सेटी ने कहा कि यह अमेरिका के लिए लाल रेखा

आतंकी पन्नू के मामले पर राजदूत गार्सेटी ने कहा कि यह अमेरिका के लिए लाल रेखा है। हालांकि वह इस मामले में भारत की जांच से पूरी तरह संतुष्ट है। मगर अभी भी कई कदम उठाने की जरूरत है। इस मामले को लेकर भारत व अमेरिका के रिश्तों पर प्रभाव के सवाल पर गार्सेटी ने कहा कि "जब मैं एक ऐसे रिश्ते का जिक्र कर हूं ...जिसमें रास्ते में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। यह संभावित रूप से किसी रिश्ते में पहली बड़ी लड़ाई होगी।" गार्सेटी ने कहा कि एक आपराधिक मामला है। 

भारत ने एक जांच आयोग का गठन किया है "और... हम उम्मीद करते हैं कि जब हम अमेरिकी न्याय के बारे में आपराधिक मामला चला रहे हैं, तो इसके परिणाम और साझा जानकारी की आवश्यकता होगी।अब तक... उन्होंने (भारत ने) जो किया है उससे मैं संतुष्ट हूं। यह मुद्दा भारत और अमेरिकी प्रशासन दोनों के लिए बेहद नाजुक है, क्योंकि वे चीन की बढ़ती शक्ति के बारे में साझा चिंताओं के सामने घनिष्ठ संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। (रॉयटर्स)

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