Tuesday, March 17, 2026
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Pal Pal Dil Ke Paas Movie Review: करण देओल की डेब्यू फिल्म में सहर बाम्बा ने जीता दिल!

Jyoti Jaiswal Published : Sep 20, 2019 02:15 pm IST, Updated : Sep 20, 2019 02:37 pm IST

Pal Pal Dil Ke Paas Movie Review: जानिए कैसी है करण देओल और सहर बाम्बा की डेब्यू फिल्म 'पल पल दिल के पास'

Pal Pal Dil Ke Paas Movie Review- India TV Hindi

Pal Pal Dil Ke Paas Movie Review

  • फिल्म रिव्यू: पल पल दिल के पास
  • स्टार रेटिंग: 2 / 5
  • पर्दे पर: 20 सितंबर 2019
  • डायरेक्टर: सनी देओल
  • शैली: रोमांटिक-ड्रामा

Pal Pal Dil Ke Paas Movie Review: 36 साल पहले सुपरस्टार धर्मेंद्र ने अपने बेटे सनी देओल को फिल्म 'बेताब' से बॉलीवुड में लॉन्च किया था। अब सनी देओल ने अपने बेटे करण देओल को फिल्म 'पल पल दिल के पास' से लॉन्च किया है। खास बात यह है कि सनी देओल ने खुद इस फिल्म का निर्देशन भी किया है। 

फिल्म की कहानी करण सहगल (करण देओल) की है जिसके माता पिता बर्फ के तूफान की चपेट में आ गए थे और इस दुनिया से चले गए थे। करण अब हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में कैंप चलाता है और वहां आने वाले टूरिस्ट को पर्वतारोहण कराता है। बचपन से ही पहाडो़ं में रहे करण को यहां की वादियों से इश्क है। इस दौरान उसकी मुलाकात ब्लॉगर सहर सेठी (सहर बाम्बा) से होती है। दिल्ली की रहने वाली सहर मजबूरी की वजह से पहाड़ों पर आती है, लाड़-प्यार की वजह से वो थोड़ी मुंहफट भी है।

सहर को लगता है कि करण सहगल कैंप से पैसे लूटता है और वो अपने ब्लॉग में यही साबित करने की कोशिश करती है। लेकिन करण उससे कहता है कि इस कैंप के बाद उसकी जिंदगी बदल जाएगी, होता भी यही है और दोनों में प्यार हो जाता है। इसके बाद क्या होता है? दोनों का इश्क मुकम्मल होने में क्या-क्या परेशानियां होती हैं ये आपको 'पल पल दिल के पास' में देखने को मिलेगा। 

एक्टिंग की बात करें तो करण और सहर दोनों की ये डेब्यू फिल्म है लेकिन दोनों को देखकर लगता नहीं है कि ये पहली बार एक्टिंग कर रहे हैं। खासकर एक्ट्रेस सहर बाम्बा का काम काफी ज्यादा अच्छा रहा, अगर उन्हें मौका मिला तो वो काफी आगे जा सकती हैं। 

फिल्म की सिनेमेटोग्रॉफी काफी अच्छी है, हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियां आपका दिल खुश कर देंगी। फिल्म का म्यूजिक भी अच्छा है। 

सनी देओल ने निर्देशक के तौर पर मेहनत तो की है लेकिन एक अच्छी फिल्म बनाने से चूक गए। फिल्म का पहला हाफ दोनों लीड एक्टर्स को इंट्रोड्यूस कराते और फिर लड़ते झगड़ते ही खत्म हो जाता है। फिल्म की एडिटिंग पर थोड़ी और मेहनत की जरूरत थी। 

अगर आप देओल परिवार के फैन हैं और करण देओल की डेब्यू फिल्म देखना चाहते हैं तो यह फिल्म देख सकते हैं। इंडिया टीवी इस फिल्म को दे रहा है 5 में से 2 स्टार।

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