Photos: इंडोनेशिया में भूकंप की तबाही का मंजर, अपनों की तलाश में लोग; अब तक 162 मौतें
Photos: इंडोनेशिया में भूकंप की तबाही का मंजर, अपनों की तलाश में लोग; अब तक 162 मौतें
भूकंप के झटके से दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। अपनी जान बचाने के लिए सड़कों और गलियों में भाग रहे लोगों में से कई घायल और खून से लथपथ नजर आए। 5.4 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा प्रांप के सियांजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई में था।
Published : Nov 22, 2022 07:27 am IST, Updated : Nov 22, 2022 07:33 am IST
1/8Image Source : PTI
इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा में सोमवार को आए भीषण भूकंप और उसके बाद आए झटकों के चलते कई मकान गिर गए हैं। भूकंप जनित हादसों से देश में अभी तक कम से कम 162 लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। भूकंप के झटके से दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। अपनी जान बचाने के लिए सड़कों और गलियों में भाग रहे लोगों में से कई घायल और खून से लथपथ नजर आए। 5.4 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा प्रांप के सियांजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई में था।
2/8Image Source : PTI
अधिकारी देश के सुदूर इलाकों में भूकंप से हताहत हुए लोगों की संख्या के संबंध में अभी जानकारी जुटा रहे हैं। जावा के गवर्नर रिदवान कामिल ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 162 हो गई है। उन्होंने कहा, "मरने वालों में ज्यादातर बच्चे हैं।" उन्होंने बताया कि भूकंप के वक्त पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे अपनी पढ़ाई खत्म होने के बाद इस्लामिक स्कूल में तालीम ले रहे थे। सियांजुर में सबसे बड़ी संख्या में इस्लामिक आवासीय स्कूल और मस्जिद हैं। कामिल ने कहा, "कई इस्लामिक स्कूलों में हादसे हुए हैं।"
3/8Image Source : PTI
इंडोनेशिया की मौसम एवं जलवायु विज्ञान और भूभौतिकीय एजेंसी के मुताबिक, भूकंप आने के बाद 25 झटके और दर्ज किए गए। सियांजुर क्षेत्रीय अस्पताल में इलाजरत श्रमिक हसन ने कहा, "भूकंप बेहद जबरदस्त था और मैं बेहोश हो गया था। मैंने देखा कि मेरे साथी इमारत से बाहर भाग रहे हैं, लेकिन मुझे निकलने में देरी हो गई और मैं दीवार से टकरा गया।" सियांजुर में बचाव दल के सदस्यों के अलावा स्थानीय लोग भी राहत एवं बचाव कार्य में मदद करते दिखे। घटना में सैकड़ों लोग घायल हो गए, क्योंकि वे ढह गईं इमारतों की चपेट में आ गए।
4/8Image Source : PTI
दुकानदार डी. रिस्मा अपने ग्राहकों से बात कर रही थीं कि अचानक ही भूकंप ने तबाही मचा दी। उन्होंने कहा, "भूकंप का झटका जोरदार था, जिसके चलते सड़कों पर वाहन रूक गए। मैंने तीन बार झटके महसूस किए, लेकिन पहला झटका सबसे जबरदस्त था। मेरी दुकान के बाद वाली दुकान की छत गिर गई।" सियांजुर एजेंसी के प्रमुख हरमन सुहेरमन ने बताया था कि सोमवार शाम तक मृतक संख्या 62 तक पहुंच गई और सैकड़ों लोग घायल हैं।
5/8Image Source : PTI
राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रमुख सुहरयांतो ने कहा कि सैकड़ों लोग घायल हैं। एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने कहा कि सिजेडिल गांव में 25 लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं। एजेंसी ने कहा कि एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल, एक अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं सहित दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक बयान में कहा गया है कि हताहतों की संख्या और नुकसान के बारे में जानकारी अभी एकत्र की जा रही है।
6/8Image Source : PTI
जकार्ता में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। राजधानी में ऊंची इमारतें हिल गईं और कुछ को खाली करा लिया गया। दक्षिण जकार्ता में एक कर्मचारी विडी प्रिमाधनिया ने कहा, "भूकंप बहुत तेज महसूस हुआ। मैंने और 9वीं मंजिल पर स्थित मेरे दफ्तर में मेरे सहकर्मियों ने आपातकालीन सीढ़ियों से बाहर निकलने का फैसला किया।"
7/8Image Source : PTI
विशाल द्वीपसमूह राष्ट्र में अक्सर भूकंप आते हैं, लेकिन जकार्ता में उन्हें महसूस करना असामान्य है। इंडोनेशिया की आबादी 27 करोड़ से अधिक है और यह भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी से अक्सर प्रभावित होता रहता है। इस साल फरवरी में पश्चिम सुमात्रा प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी और 460 से अधिक घायल हो हुए थे।
8/8Image Source : PTI
जनवरी 2021 में पश्चिम सुलावेसी प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 6,500 लोग घायल हो गए थे। 2004 में हिंद महासागर में आए एक शक्तिशाली भूकंप और सुनामी ने एक दर्जन देशों में लगभग 2,30,000 लोगों की जान ली थी, जिनमें से ज्यादातर इंडोनेशिया में थे।