सर्दियों के मौसम में बथुआ का रायता, सब्जी और पराठा बना कर बेहद चाव से खाया जाता है। स्वाद से भरपूर बथुआ सिर्फ आपके ज़ायके का टेस्ट ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसकी पत्तियां कई बीमारियों को दूर करने में भी बेहद असरदार है। हालांकि, बथुआ को एक लिमिट में ही खाना चाहिए। क्योंकि इसमें ऑक्ज़ालिक एसिड बहुत ज़्यादा मात्रा में पाई जाती है। जिस वजह से आपको डायरिया हो सकता है। चलिए हम आपको बताते हैं इसे खाने से आपको सेहत संबंधी कितने फायदे हो सकते हैं।
बथुआ में विटामिन की मात्रा आंवले से कहीं ज्यादा होती है। दरअसल, इसमें कई प्रकार के विटामिन्स पाए जाते हैं। जो आपके शरीर के लिए बेहद लाभदायक होते हैं। इसमें कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, मैगनीज, फास्फोरस, पोटाशियम, सोडियम और जिंक जैसे पावरफुल विटामिन पाए जाते हैं। साथ ही इसमें मिनरल्स भी अच्छी मात्रा में पाई जाती है।
बथुआ दांतों से जुड़ी सभी परेशानियों को कंट्रोल करता है। अगर आपके दांतों में सड़न हो गई है या आपको पायरिया हो गया है, जिस कारण आपके दांत में हमेशा दर्द होता है तो आप इसकी चार से पांच पत्तियों को कच्चा चबाएं। ऐसा करने से आपको दांतों की सभी परेशानियां दूर होंगी। साथ ही मुंह से आनेवाले दुर्गन्ध को भी हटाने में ये बेहद असरदरा है।
अगर आपका खाना नहीं पचता या आपको गैस की बहुत ज़्यादा समस्या होती है तो उसे कंट्रोल करने के लिए आप बथुआ का इस्तेमाल कर सकते हैं। कब्ज से राहत दिलाने में, भूख में कमी आने पर, खाना देर से पचने पर या खट्टी डकार आने पर बथुआ की पत्तियों को उबालकर उसका पानी पीना चाहिए।
सर्दियों में अक्सर ज़्यादातर लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में लोग अक्सर सर्दी खांसी जैसी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। आपके ऊपर ठण्ड की मार कुछ ज़्यादा असर न पड़े इसलिए बथुआ का इस्तेमाल करें। यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में बेहद असरदार है। बथुआ के साग में सेंधा नमक मिलाकर, इसका सेवन छाछ के साथ किया जाता है तो इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।
बथुए को उबालकर इसका रस पीने और सब्जी बनाकर खाने से स्किन से जुड़ी बीमारी, फोड़े-फुंसी से काफी आराम मिलता है। स्किन से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए आप बथुए के पत्तों को पीसकर इसका रस निकालें। अब 2 कप रस में आधा कप तिल का तेल मिलाएं और इसे धीमी आंच पर पकाएं और फिर इस पानी को पिएं। इससे स्किन से जुड़ी सभी बीमारिया खत्म हो जाती हैं।
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