MP News: आखिरकार राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश में भी लंपी वायरस (Lumpy Virus) का कहर अब दिखाई देने लगा है। जिसके चलते मध्य प्रदेश सरकार अब अलर्ट मोड़ पर आ गई है।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल तमाम अधिकारियों की बैठक में लंपी वायरस को गंभीरता से लेने कहा, वही आज प्रदेश भर के गोपाल को और पशुपालकों को उन्होंने संदेश भी दिया।
हमारे पशुधन पर लंपी वायरस बीमारी के रूप पर एक गंभीर संकट आया है।लंपी वायरस तेजी से मध्यप्रदेश में भी पैर पसार रहा है हम अपने पशुओं को विशेषकर गौ माता को मां मानकर पूजा करते हैं वह माता हो या बाकी पशु हो हमारी अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने का काम करते हैं। आज जब वह संकट में है तो हमारा कर्तव्य है हम इस संकट से उन्हें निकालने के लिए भरपूर प्रयास करें। इन प्रयासों में आप अकेले नहीं है सरकार आपके साथ है सरकार आपको पूरा सहयोग करोगी इस बीमारी का टीका भी हम फ्री में लगा रहे हैं। इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी लेकिन सावधानी आपको भी रखनी पड़ेगी। अगर हमने सावधानी नहीं रखी तो पशु धन गहरे संकट में आएगा।हम वैसे जो चेतना हम मनुष्य में देखते हैं वही प्राणियों में भी देखते हैं।इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए हम रोग के लक्षण पहचाने।
कल ही सीएम शिवराज ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर तमाम अधिकारियों को फौरन इसे रोकने के दिए थे वही घोषणा भी की थी कि पशुधन को मुक्ति का लगाया जाएगा।
मध्यप्रदेश का आधा हिस्सा लंपी वायरस की चपेट में आ चुका है। 26 जिलों में लंपी वायरस के कहर से 101 गोवंश की मौत हो चुकी है। अब तक 7 हजार 686 गोवंश इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। यही वजह है कि गोवंश पर मौत बनकर तेजी से फैल रहे लंपी वायरस से बचाव के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान को कल इमरजेंसी मीटिंग बुलाना पड़ी थी। इसके अलावा भोपाल में स्टेट लेवल का कंट्रोल रूम बहु बनाया गया है। पशु पालक के लिए टोल फ्री नंबर 1962 और 0755-2767583 भी जारी किया गया है।
दरअसल, चिंता की बात ये कि देखते ही देखते लंपी वायरस एमपी के 26 जिले रतलाम, नीमच, उज्जैन, मंदसौर, आगर मालवा, शाजापुर, खंडवा, इंदौर, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी बैतूल, हरदा, राजगढ़, नर्मदापुरम, भिंड, मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर में गोवंश को संक्रमित कर चुका है।
अब तक 101 गोवंश में से सबसे ज्यादा 17 गोवंश की मौत खंडवा जिले में हुई है। तो नीमच और मंदसौर जिले में 15-15 गोवंश, बैतूल में 13 वहीं उज्जैन और बुरहानपुर में 10-10 गोवंश की मौत हो चुकी है। अलीराजपुर और रतलाम जिले में भी 7-7 गोवंश की मौत हुई है। तो वहीं हरदा और झाबुआ जिले में 2-2 मौत के अलावा इंदौर और भिंड में भी 1-1 गोवंश की लंपी वायरस जान ले चुका है।
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