पूरे उत्तर भारत में जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है तो वहीं कई इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी सुबह-सुबह हल्की बारिश हुई।
दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में शुक्रवार को सुबह-सुबह बारिश देखने को मिली है। कड़ाके की ठंड के बीच ये बारिश लोगों को और गला सकती है।
दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर अहम सुनवाई हुई। इस दौरान एक वकील ने दलील दी कि एक ही परिवार में कई-कई कारें होना प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI ने कहा कि पहले लोग साइकिल से सफर करते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
दिल्ली-NCR का तापमान और कम होने की संभावना है। यूपी,हरियाणा और पंजाब में भीषण कोहरा होने की संभावना है। आज उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और हिमाचल में बारिश होगी, जिसका सीधा असर उत्तर भारत पर पड़ेगा।
नए साल की शुरुआत के साथ ही पहाड़ी राज्यों में जमकर बर्फबारी हो रही है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में आज घने कोहरे को देखते हुए भारत मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जानें 2026 के दूसरे दिन यानी 2 जनवरी को कहां कैसा मौसम है।
दिल्ली-एनसीआर में सड़कों पर अंधेरा छाया हुआ है, ट्रैफिक की रफ्तार भी एकदम थम गई है। इस कोहरे का असर फ्लाइट और ट्रेनों पर भी पड़ा है इसलिए अगर आप ट्रैवल कर रहे हैं तो अपनी फ्लाइट या ट्रेन का शेड्यूल चैक करके ही बाहर निकलें।
2025 का वर्ष भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट के लिए मिले-जुले नतीजे लेकर आया, जहां मांग में गिरावट के बावजूद संपत्ति के मूल्य में स्थिर वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि बाजार के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव पड़े हैं और आने वाले साल में आर्थिक नीति और वैश्विक परिस्थितियां इस क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं।
एक तरफ होम लोन की ब्याज दरों में नरमी है और बैंक ग्राहकों को सस्ती ईएमआई का लालच दे रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदने का सपना आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। ताजा रिपोर्ट बताती है कि प्रॉपर्टी की कीमतों में तेज उछाल ने ब्याज दरों में कटौती के फायदे को लगभग बेअसर कर दिया है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इस वजह से CAQM ने तत्काल प्रभाव से GRAP-4 की पाबंदियां हटा दी हैं। हालांकि चिंता की बात ये है कि आने वाले समय में AQI बढ़ सकता है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के दस्तक देने के बावजूद भी दिल्ली-NCR में हालात बेहतर नहीं होंगे। हवा की रफ्तार काफी कम है जिसके चलते प्रदूषण आने वाले कुछ दिनों में इसी तरीके से बढ़ता रहेगा।
दिल्ली एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में मौसम में बदलाव दिख रहा है। घने कोहरे की वजह से ट्रेनें लेट हैं, फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं तो वहीं आगरा में ताजमहल भी नहीं दिख रहा। देखें तस्वीरें...
कम विजिबिलिटी के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन्स में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एनसीआर में विजिबिलिटी घटने के कारण बड़ी संख्या में ट्रेनों की रफ्तार भी कम हुई है। कम विजिबिलिटी के चलते 22 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे लेट चल रही हैं।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते धुंध छाई हुई है। लोगों की आखों में और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच ग्रैप-4 भी लागू कर दिया गया है।
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा सरकार ने स्कूलों में भी कक्षाएं हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने का आदेश दिया है।
राजधानी दिल्ली में लगातार खराब हो रही एयर क्वालिटी के बीच GRAP-IV लागू कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में इसे लागू कर दिया गया है। बता दें कि दिल्ली के कई इलाकों में AQI '450+' तक पहुंच गया है।
उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। आज का दिन पूरी तरह सर्दी की लय में ढला हुआ रहेगा। दिल्ली, यूपी और बिहार में कोहरा है। वहीं, उत्तराखंड में भी बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तापमान और गिर सकता है।
पूरे उत्तर भारत में ठंड की वजह से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार तक ठंड का असर दिखने लगा है। आइये जानते हैं कि आज देशभर में मौसम का हाल कैसा रहेगा।
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। यहां कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। वहीं प्रदूषण का मामला संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी उठाया जा सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदना पहले ही मुश्किल था, लेकिन अब हालत यह है कि कीमतें इतनी तेजी से बढ़ रही हैं कि आम खरीदार की नींद उड़ चुकी है। रियल एस्टेट सेक्टर में ऐसे उछाल की उम्मीद किसी ने नहीं की थी।
एनारॉक के अनुसार, दिल्ली-NCR के प्राइमरी हाउसिंग मार्केट में पिछले तीन सालों में मज़बूत डिमांड की वजह से कीमतों में 48-72 परसेंट की बढ़ोतरी देखी गई है।
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