वेनेजुएला पर हमले में मिली सफलता से डोनाल्ड ट्रंप पर सनक सी सवार हो गई है। अब उन्होंने पड़ोसी देशों को धमकाना शुरू कर दिया है। ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि अभी समय है कि समझौता कर लो।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा है कि अमेरिका मदद के लिए तैयार है।
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देना चाहती हैं। मचाडो कुछ भी चाहें लेकिन नोबेल इंस्टीट्यूट ने इस पर मत जाहिर कर दिया है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के रूस के राष्ट्रपति पुतिन को लेकर जारी एक टिप्पणी का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, पुतिन के साथ ऐसा नहीं कर सकते। जानें ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने खुलासा किया कि ट्रंप चाहते थे कि मोदी उन्हें कॉल करें, व्यापार समझौते के ड्राफ्ट को मंजूर करने की बात कहें, इसके बाद अमेरिका समझौते का ऐलान करेगा, लेकिन मोदी ने ये शर्त नहीं मानी। ट्रंप को फोन नहीं किया इसीलिए समझौता नहीं हो पाया।
डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड पर बयान महज कूटनीति नहीं, बल्कि उपनिवेशवाद की पुरानी सोच को फिर से हवा दे रहा है। इस आर्टिकल में समझिए कि ट्रंप की सोच दुनिया के तमाम देशों के लिए क्यों खतरनाक है।
जिस ग्रीनलैंड पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब्जा करना चाहते हैं वो बेहद खूबसूरत है। यह द्वीप सिर्फ खूबसूरत ही नहीं बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का सबसे बड़ा भंडार भी है। चलिए आपके इस द्वीप की तस्वीरें दिखाते हैं साथ ही रोचक बातें भी बताते हैं।
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों के बाद डेनमार्क ने भारत से समर्थन की अपील की है। डेनिश सांसद रास्मस जारलोव ने कहा कि अमेरिका का जबरन कब्जे का दावा गलत है और चीन-रूस के खतरे का तर्क झूठा है। उन्होंने इसे वैश्विक संप्रभुता का मुद्दा बताया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ग्रीनलैंड पर कब्जा करके ही रहेंगे, चाहे इस काम को प्यार से अंजाम देना पड़े या जबरदस्ती। उन्होंने यूरोपीय देशों को चीन और रूस का डर दिखाते हुए कहा कि ऐसा करना जरूरी है।
ईरान में सरकार के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हिंसा भी हुई है। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में बात करते हुए कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते तो चीन और रूस वेनेजुएला में होते। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर भी यही बात कही है।
ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के निर्वासित पुत्र रजा पहलवी ने शुक्रवार को देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान में ट्रंप के समर्थन और कार्रवाई के लिए "तत्काल और अत्यावश्यक आह्वान" किया। जानें क्या लिखा?
पाकिस्तान के मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर अजीबोगरीब टिप्पणी की है। उन्होंने अमेरिका से कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की तरह इजरायल के पीएम नेतन्याहू को भी अगवा कर ले। जानें और क्या कहा आसिफ ने?
ईरान में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब तेज हो गया है। इस बीच अमेरिका की धमकी का ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने कड़ा जवाब दिया है। जानिए उन्होंने क्या कहा है?
अमेरिकी वाणिज्य सचिव की टिप्पणियों पर भारत ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि पीएम मोदी ने व्यापार समझौते के लिए डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया था। जानें भारत ने और क्या क्या कहा?
ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में विरोध प्रदर्शनों के बीच देश के नाम संबोधन जारी किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधते हुए कहा-आप अपने देश को पहले देखें। जानें और क्या कहा?
रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर की अटलांटिक में जब्ती के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से बातचीत की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। इस कार्रवाई से अमेरिका और रूस में तनाव बढ़ गया है। टैंकर पहले ईरानी तेल की अवैध ढुलाई से जुड़ा बताया गया था।
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच ठन गई है। डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने की बात कह चुके हैं और इसे लेकर डेनमार्क अमेरिका को धमकी तक दे रहा है। आइए जानते हैं कि अमेरिका को धमकी देने वाले डेनमार्क के पास कितनी ताकतवर सेना है?
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट बंद करने सहित सभी संचार लाइनें काट दी गई हैं। इस बीच निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ईरान सरकार को आड़े हाथों लिया है। पहलवी ने कहा है कि उनके देश को लोगों की आवाज दबाई जा रही है।
डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी क्या अब ‘अमेरिका अलोन’ की तरफ बढ़ रही है? पूरी दुनिया पर इसका असर कैसे पड़ेगा और क्या कोई नया वैश्विक लीडर मिलने वाला है, इन्हीं अहम सवालों के जवाब अमेरिकी मामलों के एक्सपर्ट डॉ. मोनीश तौरंगबाम से इस EXCLUSIVE इंटरव्यू में जानिए।
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